1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 28, 2026, 2:05:55 PM
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Bihar Politics: मुंगेर के टेटिया बंबर में आयोजित पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। जगन्नाथ उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्यव्यापी 'पंचायत विकास दिवस' और 'जनसहयोग शिविर' अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अधिकारियों द्वारा जनता के काम 30 दिनों के भीतर पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित दोषी अधिकारी को 31वें दिन निलंबित होने से कोई नहीं बचा पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे सिस्टम की निगरानी खुद मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर की जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में यह अभियान एक ऐतिहासिक कदम है। अब राज्य की सभी 8,500 पंचायतों में हर महीने के अंतिम रविवार को 'पंचायत विकास दिवस' मनाया जाएगा, जिसमें सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेंशन जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगे।
उन्होंने बताया कि 17वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों का बजट 20,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 52,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा मनरेगा के स्थान पर 'विकसित भारत जी-राम-जी' अभियान के तहत बिहार को 70,000 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलने की संभावना है।
बिजली क्षेत्र में नई नीति के तहत सोलर पैनल से 125 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन करने वाले गरीब परिवारों के खाते में सरकार सीधे भुगतान करेगी। वहीं महिला सशक्तिकरण के तहत जीविका दीदियों को मुफ्त गाय उपलब्ध कराई जाएगी और दूध सरकार द्वारा खरीदा जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्थानीय अंगिका अंदाज में जनता का अभिवादन किया, जिससे पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव, डीजीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।