1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 29, 2026, 3:46:24 PM
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Bihar Police Exam: बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में एक बार फिर धांधली का मामला सामने आया है. हाजीपुर में आयोजित परीक्षा केंद्र पर दो वीक्षकों के पास से 1 से 100 तक के सॉल्व्ड आंसर मिलने के बाद हड़कंप मच गया. मामले में केंद्र अधीक्षक समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी.
मामला हाजीपुर नगर क्षेत्र के नोबेल क्रिएटिव एकेडमी, वासुदेवपुर चपुता परीक्षा केंद्र का है. यहां 28 जून को बिहार पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार पुलिस दूरसंचार और तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग में सिपाही (प्रचालक) पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी.
परीक्षा खत्म होने के बाद स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार, जोनल दंडाधिकारी तनुजा और पुलिस अधिकारी कुमार प्रमोद सिंह केंद्र के कमरा नंबर-1 में पहुंचे. इसी दौरान उनकी नजर दो वीक्षकों की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी.
जांच करने पर वीक्षक मुकुल कुमार के पास से एक कागज का टुकड़ा मिला, जिसमें 1 से 100 तक प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए थे. कागज पर प्रत्येक सवाल के सामने विकल्प दिए गए थे, जैसे 1-A, 2-A, 3-B और इसी तरह आगे तक उत्तर दर्ज थे.
अधिकारियों ने तुरंत उस कागज को जब्त कर लिया और दोनों वीक्षकों से पूछताछ शुरू की. पूछताछ में दोनों ने अपनी पहचान वीक्षक मुकुल कुमार और सचिन कुमार के रूप में बताई.
मामले को लेकर केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना को भी सूचना दी. आरोप है कि केंद्र अधीक्षक ने दोनों वीक्षकों को कार्यालय में बैठाकर पूछताछ शुरू की, लेकिन बाद में अधिकारियों से बहस करते हुए दोनों वीक्षकों को वहां से जाने दिया.
दंडाधिकारी का आरोप है कि बार-बार कहने के बाद भी केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को दोबारा बुलाने और कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. इसके बाद मामले में काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई.
स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार की शिकायत पर वीक्षक मुकुल कुमार, सचिन कुमार और केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं की गई.
फिलहाल काजीपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सॉल्व्ड आंसर वीक्षकों तक कैसे पहुंचा और क्या इसमें किसी बड़े गिरोह की भूमिका है.