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अम्बेडकरनगर पहुंचे सहनी, कहा..उत्तर प्रदेश में 101 दिन की संकल्प यात्रा निकालेगी वीआईपी, गांव-गांव गूंजेगी आरक्षण की मांग

अंबेडकरनगर पहुंचे वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में 101 दिन की संकल्प यात्रा निकालने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा को वोट नहीं मिलेगा। साथ ही कोचिंग विवाद पर सरकार को भी घेरा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 16, 2026, 8:23:34 PM

बिहार न्यूज

आरक्षण के लिए बड़ा आंदोलन करेगी वीआईपी - फ़ोटो सोशल मीडिया

UP: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी जल्द ही 101 दिनों की संकल्प यात्रा निकालेगी। इस यात्रा का उद्देश्य निषाद समाज की विभिन्न उपजातियों को आरक्षण की मांग को लेकर एकजुट करना और जनजागरण अभियान चलाना है।


 विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मंगलवार को अंबेडकरनगर में आयोजित उत्तर प्रदेश संवाद एवं रात्रि प्रवास कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की तथा पत्रकारों से बातचीत में निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।


मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की संकल्प यात्रा निकालेगी। यह यात्रा प्रदेश के सभी जनपदों में जाएगी और निषाद समाज की विभिन्न उपजातियों को आरक्षण के अधिकार के लिए एकजुट करेगी।  उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का संकल्प लिया गया था, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वर्ष 2027 के चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो समाज भाजपा को वोट नहीं देगा।


उन्होंने भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेताओं के भरोसे निषाद समाज को गुमराह नहीं किया जा सकता। समाज अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुका है और आरक्षण के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। सहनी ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद से भी अपील करते हुए कहा कि वे सरकार पर दबाव बनाकर समाज को आरक्षण दिलाएं। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो उन्हें सत्ता छोड़कर समाज की लड़ाई में शामिल होना चाहिए।


सहनी ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि समाज के हक और अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में निषाद समाज को संगठित कर बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा ताकि केंद्र और राज्य सरकारें आरक्षण की मांग पर गंभीरता से विचार करने को मजबूर हों।


बिहार में कोचिंग संस्थानों को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब होने के कारण छात्रों के पास निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।  उन्होंने कहा कि जहां छात्रों का शोषण हो रहा है वहां कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सरकार अपनी विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों को छिपाने के लिए पूरे कोचिंग सेक्टर को दोषी नहीं ठहरा सकती।


उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उनकी प्राथमिकता निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए जनजागरण और आंदोलन को मजबूत करना है। आगामी महीनों में संकल्प यात्रा और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को संगठित किया जाएगा तथा 2 नवंबर के बाद आगे की राजनीतिक रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।