1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 24, 2026, 7:01:22 PM
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Bihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 45 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। भोजपुर के बिलौटी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच के लिए पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। बिहार के प्रारंभिक विद्यालय से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापक के स्थानांतरण को लेकर बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 की स्वीकृति दी गई है।
शिक्षक स्थानान्तरण नियमावली, 2026 की स्वीकृति
शिक्षकों के हित में बिहार सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है. सम्राट मंत्रिपरिषद् ने "बिहार राज्य शिक्षक स्थानान्तरण नियमावली, 2026" के गठन को स्वीकृति प्रदान की है। अब शिक्षकों का स्थानान्तरण पोर्टल आधारित, पारदर्शी एवं नियमबद्ध तरीके से होगा। स्वास्थ्य, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन एवं अन्य मानवीय आधारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि, हमारे शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी वास्तविक समस्याओं और आवश्यकताओं का सम्मान करते हुए एक निष्पक्ष एवं पारदर्शी स्थानान्तरण व्यवस्था विकसित की गई है। यह निर्णय शिक्षकों के कल्याण, विद्यालयों में संतुलित शिक्षक उपलब्धता और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बिहार में ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप विकास के लिए एक लाख करोड़ का वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए हुडको के साथ एम. ओ. यू. साइन करने की स्वीकृति दी गई है। बिहार के 12 वें शहर में सैटलाइट टाउनशिप बसाया जाएगा। इसके लिए रोहतास के डेहरी को चुना गया है। जहां ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप के तहत क्षेत्र का विकास किया जाएगा।
प्रमंडलीय आयुक्त को बिहार शहरी योजना क्षेत्र प्राधिकार का पदेन अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साथ ही जिलाधिकारी को पदेन उपाध्यक्ष नामित करने की स्वीकृति दी गई है। आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का अध्यक्ष जिला स्तर से उच्च स्तर के पदाधिकारी के नेतृत्व में होगी, जिससे अंतर विभागीय और क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। छपरा सीतामढ़ी मुजफ्फरपुर एवं भागलपुर आयोजना क्षेत्र के क्षेत्र विस्तार की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत मास्टर प्लान के आधार पर विकास किया जा सकेगा।
पथ निर्माण के अंतर्गत 60 मीटर से 250 मीटर तक की लंबाई वाले 479 पुलों का इंडिपेंडेंस थर्ड पार्टी ब्रिज सेफ्टी ऑडिट करने का निर्णय लिया गया है। इस पर 47 करोड़ 76 लाख ₹5000 खर्च होंगे। प्राक्कलन में लोड टेस्ट का भी प्रावधान किया गया है। जिसके लिए आईआईटी पटना एवं आईआईटी दिल्ली से प्राप्त दर के आधार पर प्रावधान किया गया है।