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राम मंदिर दान में गड़बड़ी पर सियासी घमासान, RJD सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रस्ट को भेजा कानूनी नोटिस; मांगा चार साल का हिसाब

Ram Mandir donation controversy: अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। RJD सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजकर 4 साल के दान और खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 18, 2026, 3:53:42 PM

Ram Mandir donation controversy

- फ़ोटो Google

Ram Mandir donation controversy: अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस विवाद के बीच बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद सुधाकर सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजा है।


बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने अपने वकील सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से यह नोटिस ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास, महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी समेत अन्य को भेजा है। उन्होंने ट्रस्ट से पिछले चार वर्षों में राम मंदिर के लिए प्राप्त दान और किए गए खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।


नोटिस में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक का विस्तृत ब्योरा तीन दिनों के भीतर देने की मांग की गई है। इसमें ऑडिटेड बैलेंस शीट, आय-व्यय विवरण, ऑडिटर रिपोर्ट, बैंक खातों की जानकारी, जमीन खरीद रिकॉर्ड और FCRA के तहत प्राप्त विदेशी दान का विवरण शामिल है।


यह कानूनी नोटिस अयोध्या में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद भेजा गया है। पांडे ने दावा किया था कि राम मंदिर के दान में लगभग 7 से 7.5 करोड़ रुपये की गड़बड़ी हुई है। हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।


इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए अदालत से संज्ञान लेने का आग्रह किया है और मंदिर प्रशासन से जुड़े CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की है।


मामले के तूल पकड़ने के बाद योगी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसमें लखनऊ के कमिश्नर, आईजी और सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूछताछ की गई है। वहीं, चंपत राय के करीबी रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव से भी पूछताछ जारी है और उनकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।