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‘अपराधी की कोई जात नहीं होती’, बिहार में एनकाउंटर वाली राजनीति पर बोले खेसारी लाल यादव

Khesarilal Yadav: भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने बिहार में एनकाउंटर की राजनीति और बढ़ती महंगाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने कलाकारों और सक्षम लोगों से गरीबों की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 22, 2026, 9:39:36 PM

Khesarilal Yadav

- फ़ोटो Reporter

Khesarilal Yadav: पटना पहुंचे भोजपुरी सिंगर और अभिनेता खेसारी लाल यादव ने बिहार में लगातार हो रहे एनकाउंटर और अपराधियों की जाति को लेकर चल रही राजनीतिक पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह एक कलाकार हैं और राजनीति से ज्यादा अपने संगीत और समाज की चिंताओं पर बात करना पसंद करते हैं।


दरअसल, बिहार में अपराधियों की जाति को लेकर इन दिनों खूब सियासत हो रही है। लगातार हो रहे एनकाउंटर पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा था कि बिहार में जाति देखकर एनकाउंटर हो रहे हैं। पटना पहुंचे खेसारी लाल यादव ने कहा कि “मैं कलाकार हूं, आप मुझसे संगीत और कला के बारे में पूछेंगे तो बेहतर जवाब दूंगा। अपराध और राजनीति सरकार का विषय है। मेरी नजर में अपराधी की कोई जाति नहीं होती।”


उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर भी चिंता जताई। खेसारी ने कहा कि गैस, पेट्रोल और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में फिल्म रिलीज करना भी चुनौती बन गया है, क्योंकि लोग सबसे पहले अपने परिवार और भविष्य के लिए बचत करना चाहते हैं।


भोजपुरी अभिनेता ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि महंगाई का सीधा असर उन्हीं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास संसाधनों की कमी है, वही सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।


खेसारी ने यह भी सुझाव दिया कि बिहार और भोजपुरी इंडस्ट्री के कलाकारों, उद्योगपतियों और सक्षम लोगों को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कलाकार और समाज के सक्षम लोग मिलकर आर्थिक सहयोग करें, तो गरीब परिवारों को राहत पहुंचाई जा सकती है।


उन्होंने कहा कि देश और समाज के हित में हर सक्षम व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंच सके और आम लोगों की परेशानियां कम हो सकें।