1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 01, 2026, 2:47:18 PM
AI से सांकेतिक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में पूर्णिया जिले में एक राजस्व कर्मचारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शिकायत के सत्यापन के बाद की है। मामले को लेकर सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, अंचल कार्यालय के. हाट में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार पर भूमि संबंधी कार्य के परिमार्जन के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दी थी। प्रारंभिक जांच और सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी की टीम ने जाल बिछाया।
बताया जाता है कि राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार ने कार्य निष्पादन के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की थी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय राशि उन्हें सौंपी, निगरानी ब्यूरो की टीम ने मौके पर ही उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है।
इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या-65/26 दर्ज किया गया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। खासकर भूमि परिमार्जन, दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में आम लोगों से अवैध वसूली के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में पूर्णिया में हुई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और निगरानी ब्यूरो की सख्ती का एक और उदाहरण मानी जा रही है।
हाल के महीनों में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने विभिन्न विभागों के कई सरकारी कर्मियों और अधिकारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी सरकारी सेवक को बख्शा नहीं जाएगा।