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Bihar News: 1St Bihar की खबर के बाद हड़कंप, महिला CO नुजहत पर कार्रवाई की आहट....राजस्व विभाग ने DM को तत्काल जांच के दिए आदेश...

रतनी फरीदपुर की अंचलाधिकारी नुजहत के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सक्रिय हो गया है। 1st Bihar/Jharkhand की खबर के बाद विभाग ने जहानाबाद जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सभी आरोपों की जांच कर तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 01, 2026, 8:05:09 PM

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- फ़ोटो Google

Bihar News: ''सरकार का यह दंड सिर्फ दिखावा है? महिला CO का वेतन वृद्धि रोका..पर हटाया नहीं, फिर मिली शिकायत तो DM ने बनाई जांच कमेटी, रांची में बैठे 'पति' के खाते में पैसे भिजवाने के भी आरोप...'' 1St Bihar/Jharkhand ने 31 मई को मामले का खुलासा किया. खबर के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग हरकत में आया है. सरकार ने जहानाबाद जिलाधिकारी को रतनी फरीदपुर अंचल के महिला अंचलाधिकारी नुजहत के खिलाफ लगे आरोपों की तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है. 

विभाग ने जिलाधिकारी को जांच के लिए भेजा पत्र

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ओएसडी मनी भूषण किशोर ने आज 1 जून को जहानाबाद जिलाधिकारी को पत्र लिखकर रतनी फरीदपुर अंचलाधिकारी नुजहत के खिलाफ लगे तमाम आरोपों की जांच करने को कहा है. विभाग ने जिलाधिकारी से कहा है कि अंचलाधिकारी के खिलाफ सोशळ मीडिया में लगातार खबरें चल रही हैं. ऐसे में तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट अविलंब भेजें. 

वेतन वृद्धि रोकने के दंड से डर नहीं....

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग या तो कार्रवाई का दिखावा करता है या फिर अंचलाधिकारी दंड से डरते नहीं. विभाग गड़बड़ करने वाले अंचलाधिकारियों को वेतन वृद्धि रोकने का दंड देता है, लेकिन जिन पर आरोप साबित हो गए. उन्हें अंचलाधिकारी के पद से हटाता नहीं. लिहाजा गड़बड़ करने वाले अंचल अधिकारी चोट खाए सांप की तरह और आक्रामक हो जाते हैं. इस महिला सीओ को ही देख लीजिए. विभाग ने हाल ही में उक्त महिला अंचलाधिकारी के खिलाफ दंड पारित किया, लेकिन फील्ड से नहीं हटाया. नतीजा यह हुआ कि गड़बड़ी करने की गति और बढ़ गई है. लगातार मिल रही शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने एक बार फिर से जांच टीम का गठन किया है.  

रतनी अंचल के महिला सीओ के खिलाफ फिर बैठी जांच 

मामला जहानाबाद जिले के रतनी अंचल के महिला अंचलाधिकारी नुजहत से जुड़ा है. जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने सीओ के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच के लिए कमेटी का गठन किया है. एडीएम (राजस्व) की अध्यक्षता में गठित कमेटी में डीसीएलआर को रखा गया है. जांच कमेटी से जांच कर पूरी रिपोर्ट तलब की गई है. 

रांची में बैठे पति के खाते में पत्नी (सीओ) की पोस्टिंग वाली जगह से भेजे जा रहे पैसे  

 जहानाबाद जिलाधिकारी से की गई शिकायत में शिकायतकर्ता गौरव गोदिल ने अंचलाधिकारी रतनी के खिलाफ अवैध रूप से जमाबंदी कायम करने एवं विभागीय प्रावधान के खिलाफ कार्य करने की आरोप लगाए हैं. शिकायतकर्ता ने समर्थन में कई साक्ष्य उपलब्ध कराये हैं. शिकायतकर्ता ने रांची में रहने वाले एक व्यक्ति के खाते का स्टेटमेंट भी उपलब्ध कराया है. बताया जाता है यह खाता रतनी अंचल के महिला अंचलाधिकारी के पति का है. जिस खाते में रतनी अंचल क्षेत्र के एक आदमी ने बार-बार पैसा जमा किया है. इसके पूर्व में भी अंचल अधिकारी विवादों में घिरी रही हैं. हड़ताल अवधि में इनके डोंगल का इस्तेमाल किया गया. हालांकि एसडीएम द्वारा हड़ताल अवधि में सीओ द्वारा किए गए कार्य को रद्द कर दिया था . रतनी के महिला सीओ के खिलाफ लगातार आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम के अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है.

महिला सीओ ने छुट्टी के दौरान गलत मंशा से निबटाया था काम  

बता दें, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अप्रैल 20226 में ही जहानाबाद के रतनी अंचल के महिला अंचल अधिकारी नुजहत के खेल को पकड़ा था. तब अंचल अधिकारी, रतनी फरीदपुर, जहानाबाद पर आरोप थे कि इन्होंने चिकित्सीय इलाज के लिए अवकाश स्वीकृति एवं उपभोग के बाद योगदान नहीं किया. अवकाश अवधि का प्रभार प्रतिस्थानी अंचल अधिकारी को नहीं सौंपा. अवकाश अवधि के दरम्यान विशेष परिस्थितियों में संपर्क करने हेतु बिना संपर्क संख्या उपलब्ध कराये एवं अंचल का विधिवत् प्रभार दिये बिना अवकाश में प्रस्थान कर गई. अवकाश अवधि समाप्त होने के बावजूद जिला कार्यालय में योगदान समर्पित नहीं किया. जिससे अंचल के दैनिक कार्यों / राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. साथ ही अवकाश अवधि में डोंगल का उपयोग कर दाखिल-खारिज कार्यों का निष्पादन किया. इसके अलावे कई अन्य आरोप थे. 

आरोप पत्र में गठित आरोपों एवं सीओ नुजहत से मिले स्पष्टीकरण की समीक्षा में पाया गया कि "नुजहत' के खिलाफ लगाये गये आरोप मुख्य रूप प्रक्रियात्मक विलम्ब और अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति से संबंधित हैं। आरोपी पदाधिकारी ने चिकित्सीय ईलाज के लिए अवकाश उपभोग का हवाला दिया गया है,लेकिन न तो चिकित्सा से संबंधित किसी बीमारी का जिक्र किया और न ही किसी प्रकार चिकित्सीय प्रमाण पत्र अपने स्पष्टीकरण के समर्थन में उपलब्ध कराया गया.  अवकाश अवधि में अपने प्रतिस्थानी को प्रभार नहीं सौपा जाना उच्चाधिकारी के आदेश अवज्ञा माना गया. 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने माना कि रतनी की महिला सीओ द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य यह दर्शाता है कि अवकाश अवधि में आरोपी पदाधिकारी द्वारा लंबित मामलों का निस्तारण किया जाना नियमानुकूल नहीं है, जो प्रथम द्रष्ट्या उनकी संदिग्ध मंशा को परिलक्षित करता है। इसका अभिप्राय यह है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा अवकाश अवधि में अपने डोंगल का इस्तेमाल कर निजी स्वार्थवश किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से काम किया गया. 

जहानाबाद के रतनी फरीदपुर अंचल की महिला अंचल अधिकारी नुजहत का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाये जाने के बाद अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोपी पदाधिकारी के विरुद्ध "संचयी प्रभाव के बिना 01 (एक) वेतनवृद्धि पर रोक का दण्ड" अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया था.