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कारोबारी मर्डर केस के दोषी को आजीवन कारावास की सजा, कोर्ट ने 50 हजार जुर्माना भी लगाया

Bihar Crime News: गया में लेन-देन विवाद में व्यवसाई की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी मिथिलेश रविदास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना 2024 में गुरारू थाना क्षेत्र में हुई थी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 28, 2026, 3:09:04 PM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Crime News: बिहार के गया जिले में हत्या के एक मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) संजय कुमार की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने शनिवार को सुनाए गए फैसले में अभियुक्त मिथिलेश रविदास को आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।


यह मामला वर्ष 2024 का है, जब गुरारू थाना क्षेत्र में लेन-देन के विवाद को लेकर एक व्यवसाई की हत्या कर दी गई थी। मृतक की पहचान गुरारू के बारा गांव निवासी सोनू अग्रवाल के रूप में हुई थी। घटना के समय सोनू अग्रवाल आरोपी मिथिलेश रविदास, जो कोची गांव का रहने वाला है, को बाइक से छोड़ने जा रहे थे।


यात्रा के दौरान दोनों के बीच पुराने लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मिथिलेश रविदास ने सोनू अग्रवाल पर हथौड़े और धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।


पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच शुरू की और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। गया पुलिस ने समय पर चार्जशीट दाखिल कर अदालत के समक्ष मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं सबूतों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।


एडीजे-4 की कोर्ट ने मिथिलेश रविदास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को छह माह की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।


गया के एसएसपी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और ठोस साक्ष्यों के आधार पर लगभग दो वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जा सका है। यह फैसला समाज में कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।