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बिना वीजा-पासपोर्ट बिहार में रह रहे थे बांग्लादेशी पति-पत्नी, मंदिर परिसर से दो बच्चों समेत गिरफ्तार

Bihar Crime News: बांका के जमदाहा स्थित ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर परिसर से अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी दंपती और उनके दो बच्चों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। परिवार के पास भारत में रहने के लिए कोई वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 28, 2026, 12:27:03 PM

Bihar Crime News

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI

Bihar Crime News: बिहार के बांका जिले में एक ऐतिहासिक मंदिर परिसर से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी दंपती को उनके दो बच्चों सहित गिरफ्तार किया गया है। कटोरिया थाना क्षेत्र के जमदाहा ओपी अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर ठाकुरबाड़ी परिसर में यह परिवार लंबे समय से छिपकर रह रहा था। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।


पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम मिल्टन हल्दर (पिता- हरेंद्र नाथ हल्दर) बताया है। वह बांग्लादेश के बरीशाल जिले के ओजिपुर थाना क्षेत्र स्थित कुरोलिया गांव का निवासी है। वहीं, महिला ने अपना नाम झुमारानी दास (पिता- सुनील चंद्र दास) बताया, जो बांग्लादेश के मुन्सिंगंज जिले के ढाका थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उनके साथ 8 वर्ष और 5 वर्ष के दो बच्चे भी मिले हैं।


पूछताछ के दौरान दंपती ने बताया कि वे हिंदू वैष्णव समुदाय से संबंध रखते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह परिवार अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर कब, कैसे और किसकी मदद से बिहार के बांका पहुंचा। जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुरुवार को इलाके में संदिग्ध विदेशी नागरिकों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंदिर परिसर में छापेमारी कर पूरे परिवार को हिरासत में लिया।


जांच के दौरान जब पुलिस ने भारत में प्रवेश और यहां रहने से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो परिवार के पास न तो पासपोर्ट मिला, न वीजा और न ही कोई अन्य वैध कानूनी दस्तावेज। इसके बाद पुलिस ने अवैध प्रवेश और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इस परिवार को भारत में प्रवेश कराने और बांका तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।