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NEET Re-Exam पर बड़ा अलर्ट, पेपर सेटर्स को किया गया ‘लॉकडाउन’ में बंद… देशभर में 5 लाख सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात

NEET 2026 Re-Exam: NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए देशभर में लाखों सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे और तकनीकी निगरानी भी कड़ी होगी। पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा को पूरी तर

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 08, 2026, 1:11:42 PM

NEET Re-Exam पर बड़ा अलर्ट, पेपर सेटर्स को किया गया ‘लॉकडाउन’ में बंद… देशभर में 5 लाख सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात

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NEET 2026 Re-Exam: NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार किसी भी तरह की चूक नहीं होने देना चाहती. पिछले पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा के लिए ऐसा सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है, जिसे हाल के वर्षों की सबसे सख्त परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था माना जा रहा है.


सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों और प्रोफेसरों को पूरी तरह आइसोलेशन में रखा गया है. पेपर तैयार करने, अनुवाद करने और उसकी समीक्षा करने से जुड़े सभी विशेषज्ञों को एक गोपनीय स्थान पर रखा गया है, जहां उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया है. परीक्षा समाप्त होने तक उन्हें मोबाइल फोन, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टवॉच या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी.


जानकारी के अनुसार, पूरे देश में 5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों को परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाएगा. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा की तीन परतें बनाई गई हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके. स्थानीय पुलिस, विशेष सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में रहेंगे.


इस बार परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में आयोजित की जाएगी. परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक ऑफलाइन मोड में होगी. हर परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों की एंट्री से पहले कड़ी जांच की जाएगी. प्रवेश द्वार से लेकर परीक्षा कक्ष तक कई स्तरों पर सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई है.


फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है. परीक्षा केंद्रों पर फेसियल रिकग्निशन सिस्टम और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है. इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा देने वाला छात्र वही हो जिसने आवेदन किया है.


परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की लाइव फीड सीधे दिल्ली स्थित एनटीए के केंद्रीय कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी. वहां विशेषज्ञों की टीम पूरे समय गतिविधियों पर नजर रखेगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी.


प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई को लेकर भी विशेष योजना तैयार की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार संवेदनशील क्षेत्रों में प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल पर भी विचार कर रही है. इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा जाएगा.


डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है. व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है. इसका उद्देश्य फर्जी पेपर लीक, अफवाहों और भ्रामक संदेशों को फैलने से रोकना है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए.


केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पिछली बार सामने आई कमियों को इस बार पूरी तरह खत्म किया जाए. पूरी परीक्षा प्रक्रिया को कई हिस्सों में विभाजित किया गया है ताकि किसी एक व्यक्ति या समूह के पास पूरी जानकारी उपलब्ध न हो. इससे गोपनीयता और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सके.


करीब 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार और एनटीए ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है.