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अब आपदा में मददगार बनेंगे बिहार के छात्र, सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में NCC व डिजास्टर ट्रेनिंग होगी अनिवार्य

Bihar News: बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब युवाओं को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 06, 2026, 4:13:38 PM

अब आपदा में मददगार बनेंगे बिहार के छात्र, सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में NCC व डिजास्टर ट्रेनिंग होगी अनिवार्य

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Bihar News: बिहार के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. अब राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एनसीसी और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें आपात परिस्थितियों में लोगों की मदद करने के लिए भी तैयार करना है.


राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन के निर्देश पर राज्य के सभी विश्वविद्यालयों, 268 अंगीभूत महाविद्यालयों और 479 संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में एनसीसी और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके तहत छात्र-छात्राओं को बाढ़, आग, सड़क हादसे और अन्य प्राकृतिक या मानवजनित आपदाओं से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाएगा.


बिहार में वर्तमान में 60 हजार से अधिक एनसीसी कैडेट हैं. अब इन्हें आपदा प्रबंधन की योजनाओं से जोड़कर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि किसी भी संकट की घड़ी में ये प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में भूमिका निभा सकें. इसके साथ ही एनएसएस से जुड़े युवाओं को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा.


राज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जा रही है. इसके तहत विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित होंगी. इन कार्यक्रमों में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और बिहार अग्निशमन सेवा के अधिकारी छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे.


प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को खोज एवं बचाव अभियान, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन, राहत कार्य, बाढ़ और आग जैसी आपदाओं से निपटने के तरीके सिखाए जाएंगे. साथ ही उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किसी बड़ी आपदा के समय लोगों की सुरक्षित निकासी कैसे की जाती है और राहत सामग्री का वितरण किस प्रकार किया जाता है.


इस योजना के तहत हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में “युवा आपदा मित्र” तैयार किए जाएंगे. ये छात्र किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले स्वयंसेवकों की भूमिका निभाएंगे. जरूरत पड़ने पर प्रशासन इनकी सहायता लेकर राहत शिविरों के संचालन, यातायात व्यवस्था और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का काम कर सकेगा.


प्रशिक्षित छात्र अपने आसपास के गांवों और मोहल्लों में भी जागरूकता अभियान चलाएंगे. वे लोगों को आपदा से बचाव के उपाय बताएंगे, कार्यशालाएं आयोजित करेंगे और सरकार की विभिन्न आपदा प्रबंधन योजनाओं की जानकारी देंगे.


इस पहल का एक और बड़ा फायदा छात्रों को करियर के स्तर पर भी मिलेगा. एनसीसी से जुड़े युवाओं को मिलने वाले प्रमाणपत्र सेना भर्ती में बोनस अंक दिलाने में मदद करेंगे. इसके अलावा कई सरकारी नौकरियों में भी ऐसे प्रमाणपत्रों को प्राथमिकता दी जाती है. उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को संस्थान स्तर पर सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जाएगा.