1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 21, 2026, 5:25:09 PM
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Petrol-Diesel Price Update: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एक समय 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका कच्चा तेल अब करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है. ऐसे में देश के करोड़ों वाहन चालकों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब पेट्रोल और डीजल के दाम कम होंगे?
जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जरूर राहत देने वाली खबर है, लेकिन इसका असर तुरंत पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दिखाई नहीं देगा. तेल कंपनियों और सरकार की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि कीमतों में बदलाव में थोड़ा समय लग सकता है.
ईरान-अमेरिका समझौते के बाद गिरे कच्चे तेल के दाम
बताया जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है. पिछले कुछ दिनों में क्रूड ऑयल के रेट में करीब 8 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है.
शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में हल्की बढ़त के बावजूद कीमत करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही. इससे पहले वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल का भाव 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. अब इसमें लगभग 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है.
क्या जल्द सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत कम होने का फायदा आम लोगों तक पहुंचने में समय लग सकता है. इसकी वजह यह है कि तेल कंपनियां पहले महंगे दामों पर खरीदे गए कच्चे तेल का इस्तेमाल कर रही हैं.
पीएम कैपिटल से जुड़े स्वर्णेंदु भूषण के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती का फैसला धीरे-धीरे लिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि पहले से बढ़ी लागत और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव की वजह से तुरंत बड़ी राहत की उम्मीद कम है.
वहीं एसएस वेल्थस्ट्रीट की फाउंडर सुगंधा सचदेवा का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सकारात्मक संकेत है, लेकिन घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम नहीं होंगे.
सरकार ने क्या कहा?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि तेल कंपनियों के पास अभी महंगे दामों पर खरीदा गया कच्चा तेल मौजूद है. जब कम कीमत वाला कच्चा तेल बाजार में पहुंचेगा, तब कीमतों में कमी की संभावना बन सकती है. उन्होंने संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का असर आने में कुछ समय लग सकता है.
बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के दौरान सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी. वहीं बाद में पेट्रोल और डीजल के दामों में भी बदलाव किया गया था.
फिलहाल वाहन चालकों को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरती कीमतों का फायदा जल्द ही घरेलू बाजार में मिलेगा. हालांकि इसके लिए अभी तेल कंपनियों के अगले फैसले का इंतजार करना होगा.