Hindi News / bihar / sitamarhi-news / बिहार में भारत-नेपाल सीमा पर बनेगा हाईटेक ICP, 300 करोड़ की परियोजना से...

बिहार में भारत-नेपाल सीमा पर बनेगा हाईटेक ICP, 300 करोड़ की परियोजना से सुरक्षा होगी मजबूत; सरकार का बड़ा प्लान

Bihar border security: सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ में भारत-नेपाल सीमा पर 300 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का निर्माण शुरू हो गया है। इससे सीमा सुरक्षा, व्यापार और तस्करी रोकने में मदद मिलेगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 08, 2026, 4:02:00 PM

Bihar border security

- फ़ोटो Google

Bihar border security: भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। सीमाई इलाकों में बढ़ती चुनौतियों और सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं आधुनिक बनाने के कई अहम फैसले लिए गए।


इसी कड़ी में बिहार के सीतामढ़ी जिले के भिट्ठामोड़ स्थित भारत-नेपाल सीमा पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सीमा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


इस परियोजना का निर्माण कार्य लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से कराया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह ICP सुरक्षा के साथ-साथ व्यापार, परिवहन और प्रशासनिक समन्वय को भी नई मजबूती देगा।


इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनने के बाद कस्टम, इमिग्रेशन, एसएसबी, पुलिस, स्वास्थ्य जांच, माल जांच और परिवहन विभाग समेत सभी प्रमुख एजेंसियां एक ही परिसर में कार्य करेंगी। इससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और सीमाई गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।


अधिकारियों के अनुसार, ICP के शुरू होने से तस्करी, अवैध आवाजाही और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण यहां लगातार लोगों और वाहनों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में आधुनिक तकनीक से लैस यह चेक पोस्ट सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी मददगार साबित होगा।


इस परियोजना से व्यापार और आवागमन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों को माल जांच और क्लीयरेंस में आसानी होगी, जबकि यात्रियों को एक ही जगह पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे समय की बचत होगी और सीमा पार गतिविधियां अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो पाएंगी।


सीतामढ़ी के जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनने से कस्टम, डीआरआई, एसएसबी, पुलिस और जिला प्रशासन सहित सभी एजेंसियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही अवैध और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।