1st Bihar Published by: Dheeraj Kumar Updated May 08, 2026, 5:25:44 PM
गिरफ्त में घूसखोर - फ़ोटो Reporter
Bihar vigilance raid: जमुई के सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब निगरानी विभाग की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के एक लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लिपिक की पहचान रूपेश कुमार के रूप में हुई है। वह एएनएम के बकाया वेतन भुगतान के एवज में घूस की मांग कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चरैया स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यरत एएनएम राजनंदनी का सात महीने का वेतन भुगतान किया गया था, लेकिन चार महीने का वेतन लंबित था। आरोप है कि बकाया राशि जारी कराने के बदले लिपिक रूपेश कुमार ने एक महीने के वेतन के बराबर रकम रिश्वत के तौर पर मांगी थी। लगातार दबाव बनाए जाने के बाद एएनएम ने इस मामले की शिकायत फरवरी महीने में निगरानी विभाग से की।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने पूरे मामले की गुप्त जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाकर कार्रवाई की योजना बनाई। शुक्रवार को एएनएम राजनंदनी को आरोपी लिपिक को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया। जैसे ही एएनएम ने 37 हजार रुपये आरोपी को दिए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई। इस कार्रवाई की पुष्टि निगरानी विभाग पटना के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों के बीच पूरे दिन इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। वहीं, आम लोगों का कहना है कि सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से गलत काम करने वालों में डर पैदा होगा।
जमुई से धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट..