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गैस कनेक्शन ट्रांसफर के नए नियम ने बढ़ाई टेंशन! गांव का सिलिंडर शहर में नहीं होगा शिफ्ट, बहू को भी नहीं मिलेगा कनेक्शन

Bihar News: मुजफ्फरपुर में गैस कनेक्शन ट्रांसफर को लेकर नए नियमों ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण और शहरी कनेक्शन के अलग-अलग नियमों के कारण लोग एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं और कई मामलों में नाम बदलने की प्रक्रिया भी जटिल हो गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 08, 2026, 3:44:55 PM

गैस कनेक्शन ट्रांसफर के नए नियम ने बढ़ाई टेंशन! गांव का सिलिंडर शहर में नहीं होगा शिफ्ट, बहू को भी नहीं मिलेगा कनेक्शन

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Bihar Gas Connection Rules: घरेलू गैस कनेक्शन ट्रांसफर को लेकर मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। नियमों की सही जानकारी नहीं होने के कारण लोग गैस एजेंसियों के लगातार चक्कर काट रहे हैं। अब गैस एजेंसियों की ओर से साफ किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र का गैस कनेक्शन शहर में ट्रांसफर नहीं होगा। वहीं, परिवार के मुखिया या ससुर की मौत होने पर कनेक्शन सीधे बहू के नाम पर भी ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।


ग्रामीण और शहरी कनेक्शन के लिए अलग नियम

गैस एजेंसियों के मुताबिक, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग डिलीवरी सिस्टम लागू है। इसी वजह से गांव का गैस कनेक्शन केवल ग्रामीण क्षेत्र की एजेंसी में ही ट्रांसफर किया जा सकता है, जबकि शहर का कनेक्शन सिर्फ शहरी एजेंसी में ही स्थानांतरित होगा।


अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की डिलीवरी अवधि करीब 45 दिन तय है, जबकि शहरों में यह समय लगभग 25 दिन का है। इसी कारण दोनों क्षेत्रों की व्यवस्था अलग रखी गई है और उसी आधार पर ट्रांसफर प्रक्रिया लागू होती है।


ससुर की मौत पर बहू के नाम नहीं होगा ट्रांसफर

गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता की मौत हो जाती है, तो उसका गैस कनेक्शन सीधे बहू के नाम पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। नियम के अनुसार कनेक्शन केवल मृतक की पत्नी या बेटे के नाम पर ही स्थानांतरित होगा। जानकारी के अभाव में कई महिलाएं एजेंसी पहुंच रही हैं, लेकिन नियमों के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।


कागजात नहीं होने से बढ़ी परेशानी

कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वर्षों पुराने कनेक्शन के कागजात अब उनके पास नहीं हैं। घर बदलने या सामान इधर-उधर होने के दौरान दस्तावेज खो गए हैं। ऐसे मामलों में एजेंसियां पहले थाने में सनहा (डीडी एंट्री) कराने को कह रही हैं, जिसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।


इसी वजह से कई लोग अब गैस एजेंसी और थाने के बीच चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रक्रिया काफी जटिल हो गई है और विभाग को नियमों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए।


उपभोक्ताओं ने मांग की है कि गैस कनेक्शन ट्रांसफर के नियमों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी खुले तौर पर जारी की जाए, ताकि लोगों को बार-बार एजेंसी का चक्कर न लगाना पड़े। खासकर बुजुर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।