1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 08, 2026, 4:28:40 PM
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India Nepal Border News: भारत-नेपाल सीमा से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. ग्रामीणों के लंबे आंदोलन और जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद नेपाल के पर्सा जिले स्थित भिस्वा बॉर्डर पर डिजिटल भंसार (कस्टम) कार्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है. नई व्यवस्था लागू होने से भारतीय वाहनों की नेपाल में आवाजाही पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है.
जानकारी के अनुसार, बिना भंसार प्रक्रिया पूरी किए भारतीय वाहनों और सामानों के नेपाल में प्रवेश पर रोक लगाए जाने के विरोध में सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने आंदोलन किया था. इसके बाद पर्सा जिला क्षेत्र संख्या-4 के सांसद टेकबहादुर शाक्य की पहल पर मंगलवार शाम से भिस्वा बॉर्डर पर डिजिटल भंसार कार्यालय शुरू कर दिया गया.
नई व्यवस्था के तहत अब भारतीय चारपहिया वाहनों की एंट्री और भंसार की प्रक्रिया सीधे भिस्वा बॉर्डर पर ही पूरी होगी. इसके अलावा भारतीय वाहन केवल एंट्री दर्ज कराकर नेपाल सीमा के भीतर लगभग नौ किलोमीटर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आ-जा सकेंगे. पहले इस प्रक्रिया के लिए लोगों को वीरगंज जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खर्च होती थी.
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सांसद टेकबहादुर शाक्य और नेपाल सरकार का आभार जताया है. आंदोलन में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उठाई जा रही मांग पूरी होने से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
ग्रामीणों के अनुसार, पहले सिकटा बाजार से सीमित मात्रा में खाद्यान्न लेकर भी नेपाल जाना मुश्किल था. नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) सीमा पर ही वाहनों और सामान को रोक देता था. शादी-विवाह जैसे पारिवारिक कार्यक्रमों में भी भारतीय वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती थी.
स्थिति यह थी कि बहू-बेटियों, बुजुर्गों और अन्य यात्रियों को सीमा पर वाहन से उतरकर ई-रिक्शा या अन्य साधनों से आगे जाना पड़ता था या फिर वीरगंज जाकर भंसार की औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं. हालांकि स्कूल बसों और एम्बुलेंस को पहले से छूट मिली हुई थी. अब डिजिटल भंसार कार्यालय शुरू होने के बाद आम लोगों को भी आवाजाही में काफी सुविधा मिलेगी.