1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 20, 2026, 6:19:42 PM
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Bihar News: राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में पुलिस ने एक ऐसे शातिर बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। इस गिरोह को कोई और नहीं, बल्कि साला-बहनोई की जोड़ी मिलकर चला रही थी। दोनों ने मिलकर चोरी का ऐसा नेटवर्क खड़ा कर रखा था, जो रोजाना बाइक उड़ाने के मिशन पर काम करता था।
फुलवारी पुलिस की कार्रवाई में इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की 9 मोटरसाइकिल और 21 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना मो. अरशद उर्फ शदाब उर्फ अरशद डी शामिल है, जो पहले से ही हत्या, लूट और डकैती जैसे करीब 20 संगीन मामलों में आरोपी रह चुका है। उसके अलावा मो. आमिर, शाहिद और मो. नौशाद को भी पुलिस ने दबोच लिया है। सभी आरोपी फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह और भी चौंकाने वाला है। अरशद ने अपने साले नौशाद के साथ मिलकर इस गिरोह की नींव रखी थी। दोनों ने मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार किया था, जिसमें हर दिन कम से कम एक बाइक चोरी करना उनका लक्ष्य होता था। अगर किसी दिन बाइक चोरी नहीं हो पाती, तो ये लोग मोबाइल झपटमारी कर लेते थे, ताकि ‘कमाई’ बनी रहे।
चोरी की गई बाइक को अरशद अपने ससुराल में छिपाकर रखता था, ताकि किसी को शक न हो। बाद में इन बाइकों को 10 से 15 हजार रुपये में बेच दिया जाता था। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों को हर बाइक चोरी के बदले करीब 2 हजार रुपये दिए जाते थे।
इस पूरे मामले का खुलासा 15 अप्रैल को दर्ज एक बाइक चोरी केस की जांच के दौरान हुआ। नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देश पर गठित एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नोहसा इमली तल इलाके में छापेमारी की। यहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से दो बाइक और 21 मोबाइल फोन मिले।
पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य सरगना अरशद को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर साले के घर छापेमारी कर 6 और चोरी की बाइक बरामद की गईं। इस तरह कुल 9 बाइक पुलिस के कब्जे में आईं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह सिर्फ बाइक चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल था। अरशद पहले जेल जा चुका है और जेल से बाहर आने के बाद उसने नशे के कारोबार में भी हाथ आजमाया था। अब फिर से उसने चोरी का नेटवर्क खड़ा कर लिया था।