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पटना में फायर सेफ्टी पर सख्ती: आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने पर 14 कोचिंग संस्थान बंद, 180 को नोटिस

Patna Coaching Centre: पटना में फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन के कारण 14 कोचिंग संस्थानों को बंद कर दिया गया है। 180 संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है और फायर एनओसी मिलने तक क्लास संचालन पर रोक लगा दी गई है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 29, 2026, 8:07:29 AM

Patna Coaching Centre

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Patna Coaching Centre: पटना में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण शहर के 14 कोचिंग संस्थानों ने अपना संचालन बंद कर दिया है। इन संस्थानों के मुख्य प्रवेश द्वार पर सूचना चस्पा कर दी गई है कि अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी मिलने तक ऑफलाइन कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। हालांकि, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई संस्थानों ने ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था शुरू कर दी है।


पटना शहर और आसपास के क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान पता चला कि बंद हुए कई संस्थानों ने अब तक फायर एनओसी के लिए आवेदन तक नहीं किया था। कार्रवाई की आशंका को देखते हुए संचालकों ने स्वयं ही संस्थान बंद कर दिए। प्रशासन ने ऐसे सभी संस्थानों की सूची तैयार कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि फायर एनओसी मिलने के बाद ही इन्हें दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।


अधिकारियों के अनुसार दानापुर, खगौल, मीठापुर, मुसल्लहपुर, बोरिंग रोड, कंकड़बाग और अनिसाबाद समेत कई इलाकों के कोचिंग संस्थानों ने फायर एनओसी नहीं होने के कारण अपना संचालन बंद कर दिया है।प्रशासन ने अब तक पटना जिले के करीब 250 कोचिंग संस्थानों का भौतिक सत्यापन किया है। इनमें से 180 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं पाई गई।


इन सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में मानकों का पालन नहीं होने पर संस्थानों को सील करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।


निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह अनुपस्थित मिला। कई भवनों में कमरे क्षमता से छोटे पाए गए, जबकि वहां छात्रों की संख्या अधिक थी। इसके अलावा कई इमारतों में आपातकालीन निकासी द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) भी नहीं था।


अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में आग लगने जैसी किसी भी आपात घटना में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ सकती है। इसलिए अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।