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Bihar News: पटना के RCD कार्यपालक अभियंता को मिली सजा...सड़क निर्माण में गड़बड़ी के आरोप साबित...

पथ निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता और अलकतरा की निर्धारित मात्रा से कम उपयोग के मामले में पटना पश्चिम के कार्यपालक अभियंता शशि भूषण सहाय को विभागीय जांच के बाद 'निंदन' की सजा दी है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 29, 2026, 2:49:07 PM

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Bihar News: पटना में पदस्थापित पथ निर्माण विभाग के एक कार्यपालक अभियंता के पूर्व की लापरवाही को लेकर दंड दिया गया है. विभागीय कार्यवाही चलाने के बाद पथ निर्माण विभाग ने प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए दंड का निर्धारण किया है. पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता जो उस समय सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत्त थे, इनके खिलाफ जांच में पाया गया कि इन के पदस्थापन काल में एक सड़क में BM कार्य एवं SDBC कार्य में अलकतरा की औसत मात्रा निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट से कम पाया गया .

शशि भूषण सहाय, तत्कालीन सहायक अभियंता,पथ प्रमंडल, बाँका वर्तमान पदस्थापन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, पटना पश्चिम के पथ प्रमंडल, बांका के पदस्थापन काल में "सिमुलतल्ला कटोरिया पथ एवं कच्ची काँवरिया पथ में कराये गये कार्यों की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-02 से करायी गयी।  जांच के बाद उड़नदस्ता प्रमंडल द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई. जिसमें कई तरह की अनियमितता पाई गई। सिमुलतल्ला कटोरिया पथ के 13वें कि०मी० में कराए गए BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 2.693% पाया गया है, जो प्रावधान से कम है। सिमुलतल्ला कटोरिया पथ के 1वें कि०मी० में कराए गए SDBC कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 3.6966% पाया गया है, जो प्रावधान से कम था. कच्ची कांवरिया पथ के कि0मी0 10, 19, 26, 36 एवं 46 में कल्भर्ट का पैरापेट टुटा हुआ पाया गया, अनेक स्थानों पर Raincut पाए गए . कच्ची कांवरिया पथ के 2रे कि0मी0 में कराए गए RCC नाला के Cover में प्रयुक्त मिश्रण C:S:A का अनुपात औसत 1:4.86:7.37 पाया गया , जबकि प्रावधान 1:1.5:3 का है।

 इन आरोपों को लेकर 26 सितंबर 2024 के द्वारा शशि भूषण सहाय के खिलाफ गठित आरोप पत्र के आधार पर अनुशासनिक कार्यवाही संचालित की गई। मुख्य अभियंता,उत्तर उपभाग, पथ निर्माण विभाग को संचालन पदाधिकारी बनाया गया था. समीक्षा के बाद पाया गया कि उक्त पथ कार्य में BM कार्य एवं SDBC कार्य में अलकतरा की औसत मात्रा निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट से कम पाया गया. इस प्रकार सहाय के विरूद्ध आरोप संख्या (i) एवं (ii) प्रमाणित पाये गये। प्रतिवेदित कलर्भट कार्य DLP से आच्छादित नहीं था, इसलिए सहाय के विरुद्ध आरोप संख्या (iii) अप्रमाणित पाया गया। 

इसके बाद पथ निर्माण विभाग ने आरोप वर्ष के लिए निंदन की सजा देने का निर्णय लिया है. पथ निर्माण विभाग ने 22 जून को अधिसूचना जारी किया है.