1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 06, 2026, 2:40:42 PM
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बिहार की राजनीति में इस समय जिस एक विधानसभा सीट की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, वह है पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट। चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद अब सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी अपने उम्मीदवार को लेकर लगभग तस्वीर साफ कर दी है। पार्टी एक बार फिर रेखा कुमारी पर भरोसा जताने जा रही है, जो 2025 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी की उम्मीदवार थीं।
राजद का यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2025 के चुनाव में रेखा कुमारी को भाजपा उम्मीदवार नितिन नवीन के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद पार्टी ने संगठन और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें दोबारा मैदान में उतारने का फैसला किया है।
पिछले विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट पर भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। भाजपा उम्मीदवार नितिन नवीन ने रेखा कुमारी को बड़े अंतर से हराया था। चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो रेखा कुमारी को कुल 46,363 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का 30 प्रतिशत से भी कम था। इसके बावजूद राजद का मानना है कि उपचुनाव में परिस्थितियां अलग होंगी और पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत, स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की सक्रियता और विपक्षी वोटों का ध्रुवीकरण कई बार चुनावी नतीजों को पूरी तरह बदल देता है। यही वजह है कि राजद इस सीट पर दोबारा अपनी किस्मत आजमाने जा रही है।
बांकीपुर विधानसभा बिहार की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित शहरी सीटों में गिनी जाती है। यह सीट पटना जिले में स्थित है और पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली छह विधानसभा सीटों में से एक है। यह पूरी तरह शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जहां नगर निगम क्षेत्र के मतदाता चुनावी परिणाम तय करते हैं। यहां सरकारी कर्मचारी, व्यवसायी, पेशेवर वर्ग, युवा मतदाता और मध्यम वर्ग की बड़ी आबादी रहती है। यही कारण है कि यहां सड़क, ट्रैफिक, पेयजल, पार्किंग, रोजगार और शहरी सुविधाएं हमेशा प्रमुख चुनावी मुद्दे रहते हैं।
2011 की जनगणना के अनुसार इस विधानसभा क्षेत्र की सामाजिक संरचना इस प्रकार है—
कुल मतदाता (2020 विधानसभा चुनाव) : 3,91,775
मतदान केंद्र : 589
अनुसूचित जाति (SC) मतदाता : 31,499 (लगभग 8.04%)
अनुसूचित जनजाति (ST) मतदाता : 1,293 (लगभग 0.33%)
शहरी आबादी : लगभग 100 प्रतिशत (3,91,775)
ग्रामीण आबादी : लगभग शून्य
यानी यह बिहार की उन चुनिंदा विधानसभा सीटों में शामिल है जहां ग्रामीण मतदाता नहीं के बराबर हैं और पूरा चुनाव शहरी मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
चुनाव आयोग पहले ही उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर चुका है। नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना की तिथियां तय होने के बाद अब राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल अपने उम्मीदवारों के साथ बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने में जुट गए हैं। रेखा कुमारी को दोबारा उम्मीदवार बनाने का फैसला यह संकेत देता है कि राजद स्थानीय नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखना चाहती है। हालांकि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के मजबूत संगठन और शहरी मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की होगी।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या राजद इस बार बांकीपुर में पिछली हार का बदला ले पाएगी या फिर भाजपा एक बार फिर इस प्रतिष्ठित शहरी सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखेगी। इतना तय है कि बिहार के इस उपचुनाव पर पूरे राज्य की राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी और इसके नतीजे आने वाले विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।