1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 19, 2026, 1:07:55 PM
तेजस्वी यादव का हमला - फ़ोटो Reporter
Bihar Politics: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस महिला विरोधी है, इसलिए महिलाओं के आरक्षण वाले बिल का समर्थन नहीं किया हालांकि विपक्ष का आरोप है कि इस बिल के जरिए बीजेपी अपनी सियासी रोटी सेंकने की फिराक में थी। तेजस्वी यादव ने कहा कि महिलाओं को 33 नहीं 50 फीसदी आरक्षण दिया जाए, हम महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हैं।
पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रेसवार्ता करने पर तेजस्वी यादव ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री बन तो गए हैं लेकिन यह बिल उनकी समझ में आया नहीं है। महिला आरक्षण के आड़ में ये लोग अपना राजनीतिक खेल खेलना चाहते हैं। सम्राट चौधरी को बताना चाहिए कि जब तीन साल से बिल पास हो गया था तो राष्ट्रपति से मंजूरी क्यों नहीं ली गई। क्यों ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इन लोगों को तो कोई ज्ञान है नहीं, बन गए तो हैं लेकिन करेंगे क्या? जो गुजराती भाई कहेंगे वही तो ये लोग करेंगे न। बिहार सरकार को चलाने के लिए दिल्ली पीएमओ से लोग आ रहे हैं। पीएमओं से आए अधिकारी इनके प्रिसिंपल सेक्रेटरी बनेंगे। दिल्ली के दो लोग जो चाहेंगे वही काम ये लोग करेंगे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव हो सबसे अधिक हमलोगों ने महिलाओं को टिकट दिया। भाजपा के लोग मनु स्मृति को मानने वाले लोग हैं। आरएसएस के लोग महिलाओं से अपना पैर धूलवाते हैं। मनु स्मृति में महिलाओं के लिए क्या जगह है हर किसी को पता है। महिला आरक्षण को लेकर कोई विरोध नहीं है, वह तो सर्व सम्मति से तीन साल पहले ही पारित हो चुका है, ये तो लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी और ये लोग अपने हिसाब से सीटों को काटते। जहां विपक्ष मजबूत है वहां की सीटों को चार भाग में काट दिया जाता।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का विरोध कौन कर रहा है। हम तो कह रहे हैं कि महिलाओं को 50 प्रतिशत कर दीजिए लेकिन उसमें से भी ओबीसी की महिलाओं को जगह दीजिए। महिला आरक्षण के भीतर आरक्षण दीजिए। केवल शहर की महिलाएं ही नहीं बल्कि गांव में रहने वाले महिलाएं भी पार्लियामेंट जाएं, ऐसा बिल संसद में लाइए। वहीं 24 अप्रैल को नई सरकार के फ्लोर टेस्ट पर तेजस्वी ने कहा कि उनके पास तो संख्या बल है ही, यह तो सिर्फ औपचारिकता मात्र है।