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भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट: रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा हुई सख्त, 11 संदिग्धों की एंट्री के इनपुट पर बढ़ाई गई चौकसी

India Nepal border security: भारत-नेपाल सीमा पर 11 संदिग्धों की एंट्री के इनपुट के बाद रक्सौल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उच्चस्तरीय बैठक के बाद एसएसबी, पुलिस और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 21, 2026, 1:24:17 PM

India Nepal border security

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

India Nepal border security: भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की, जिसके बाद रक्सौल सीमा पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।


नेपाल से 11 संदिग्धों के भारत में प्रवेश की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। रक्सौल और आसपास के इलाकों में हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सख्त जांच की जा रही है। सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपराधिक या आतंकी तत्व को देश में प्रवेश से रोका जा सके।


सीमा सुरक्षा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से गश्त और निगरानी तेज कर दी है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों की टीमें दिन-रात ड्यूटी पर तैनात हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है। खुफिया इनपुट के अनुसार, 11 संदिग्धों की एंट्री की पुष्टि हुई है, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सीमा पर अब पहले से कहीं ज्यादा सख्ती दिखाई दे रही है।


पिछले चार वर्षों (2022 से 2026) के आंकड़े सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाते हैं। इस दौरान शराब तस्करी के 22,500 मामले, हथियार तस्करी के 779 मामले और नशीले पदार्थों से जुड़े 448 मामले दर्ज किए गए। इनमें सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। जाली नोट के मामलों में 54.64 लाख रुपये बरामद किए गए, जबकि अवैध घुसपैठ के कई मामलों में विदेशी नागरिक भी पकड़े गए, जिनमें बांग्लादेश, श्रीलंका और अबू धाबी के लोग शामिल थे।


रक्सौल क्षेत्र में मानव तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत 574 लोगों को बचाया गया, जिनमें 77 नाबालिग शामिल थे। कई संदिग्ध कंपनियों की भी पहचान की गई है जो रोजगार के नाम पर तस्करी में शामिल थीं।सीमा की 114.54 किलोमीटर लंबाई में फैले 1,237 पिलरों में से 931 सुरक्षित हैं, जबकि 73 क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। इनके निरीक्षण और मरम्मत के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी और अतिक्रमण हटाने पर भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है।