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बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर: सुरक्षा में तैनात जवानों ने किये दर्शन, 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत

अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई है। पवित्र गुफा में 6-7 फीट का हिम शिवलिंग आकार ले चुका है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा के लिए सुरक्षा और ट्रैक का काम तेज़ी से जारी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 23, 2026, 8:08:17 PM

दिल्ली न्यूज

- फ़ोटो सोशल मीडिया

 DESK: अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पवित्र गुफा के भीतर करीब 6 से 7 फीट ऊंचा हिम शिवलिंग आकार लेता दिखाई दे रहा है। सुरक्षा में तैनात जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी।


हिमालय की पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के आसपास इस समय भारी बर्फबारी हो रही है। कई जगहों पर 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है। यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए CISF, BSF और CRPF के जवान तैनात किए गए हैं, जो लगातार इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे हैं।


बालटाल मार्ग पर करीब 9 किलोमीटर और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग पर लगभग 8 किलोमीटर ट्रैक से बर्फ हटाई जा चुकी है। प्रशासन द्वारा रास्तों को 12 फीट चौड़ा करने, सतह सुधारने, रिटेनिंग वॉल और कल्वर्ट निर्माण का काम भी तेजी से किया जा रहा है।


इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेस कैंप में टेंट की जगह आधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। इन संरचनाओं में 48 कमरे होंगे, जिनमें अटैच्ड वॉशरूम, गर्म और ठंडे पानी की सुविधा तथा पैंट्री की व्यवस्था रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक, खराब मौसम और तापमान में अचानक गिरावट से निपटने में ये फाइबर स्ट्रक्चर काफी मददगार साबित होंगे।


यात्रा मार्ग पर संवेदनशील और आपदा संभावित इलाकों को ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित किया गया है। बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए इन स्थानों पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे। बालटाल और नुनवान दोनों मार्गों के ट्रैक को चौड़ा और पुलों को मजबूत किया गया है।


अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए अब तक 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) दोनों मार्गों को पूरी तरह बहाल करने में जुटा है और अधिकारियों का दावा है कि 15 जून तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा के दिन संपन्न होगी।


रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू हुए थे। 5 से 30 लोगों के समूह के लिए पंजीकरण फिलहाल बंद कर दिए गए हैं, लेकिन व्यक्तिगत और छोटे समूहों के लिए स्लॉट उपलब्ध रहने तक प्रक्रिया जारी रहेगी। श्रद्धालु पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार यात्रियों की संख्या 5 लाख के पार पहुंच सकती है।