1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 23, 2026, 5:13:52 PM
- फ़ोटो
Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बेतिया राज की जमीन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बगहा-एक अंचल प्रशासन द्वारा मझौवा गांव के करीब 400 परिवारों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किए जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। नोटिस मिलने के बाद सैकड़ों ग्रामीण शनिवार को अंचल कार्यालय पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दशकों से इस जमीन पर रह रहे हैं। उनके पूर्वजों ने यहां घर बनाए और परिवार बसाया। अब अचानक प्रशासन द्वारा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू किए जाने से लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है और अगर प्रशासन उन्हें यहां से हटाता है तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा।
बताया जा रहा है कि अंचल प्रशासन ने दूसरी बार नोटिस जारी किया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि बेतिया राज की जमीन को खाली किया जाए और संबंधित लोग अपने जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करें। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया।
नोटिस के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे। वहां लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने और मामले पर मानवीय आधार पर विचार करने की मांग की। ग्रामीण ध्रुव प्रसाद केशरी, सत्येंद्र प्रसाद केशरी, विनोद प्रसाद केशरी, आलोक जायसवाल, रतन यादव, प्रह्लाद यादव, रामनाथ यादव समेत कई लोगों ने कहा कि वे वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं। यहां उनके मकान बने हुए हैं और पूरा परिवार इसी जगह पर निर्भर है।
ग्रामीणों ने कहा कि बिना उचित सुनवाई के जमीन खाली कराने की कार्रवाई सही नहीं है। लोगों का कहना था कि प्रशासन को पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए। कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे गरीब परिवार से आते हैं और अचानक घर छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं।
इधर अंचल बगहा-एक की सीओ नर्मदा श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार बेतिया राज की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास जमीन से जुड़े कागजात हैं, वे उन्हें प्रशासन के सामने प्रस्तुत करें।
सीओ ने यह भी कहा कि ग्रामीणों की बात सुनी जा रही है और उनकी मांग को विभागीय स्तर पर रखा जाएगा। विभाग के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।