1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 16, 2026, 10:43:54 PM
गुमनाम रहकर किया दान - फ़ोटो सोशल मीडिया
DESK: आस्था, श्रद्धा और अपने प्रियजनों की स्मृति को समर्पित एक भावुक उदाहरण उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में देखने को मिला। तमिलनाडु की 80 वर्षीय एक श्रद्धालु महिला ने अपने दिवंगत पति और दोनों बेटों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना से मंदिर को कुल तीन करोड़ रुपये का दान दिया।
पति और बेटों की याद में किया विशेष समर्पण
मंदिर प्रशासन के अनुसार, महिला के पति और दोनों बेटों का निधन हो चुका है। परिवार को खोने के गहरे दुख के बीच उन्होंने बाबा विश्वनाथ के चरणों में तीन करोड़ रुपये समर्पित करने का निर्णय लिया। इनमें दो करोड़ रुपये अपने दोनों दिवंगत बेटों की स्मृति में, जबकि एक करोड़ रुपये मंदिर के अन्नक्षेत्र के लिए दान किए गए।
ई-मेल के जरिए जताई थी दान की इच्छा
जानकारी के मुताबिक, महिला ने पहले वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम को ई-मेल भेजकर मंदिर में दान देने की इच्छा व्यक्त की थी। इसके बाद 12 जुलाई को वह अपने मैनेजर के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचीं और तीन करोड़ रुपये के चेक सौंपे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान स्वीकार कर लिया।
अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहती थीं
मंदिर प्रशासन के अनुसार, महिला अपनी पहचान गोपनीय रखना चाहती थीं। बताया गया कि उन्होंने अपने दोनों बेटों को 31 और 28 वर्ष की आयु में खो दिया था। इसके बाद उनके पति का भी निधन हो गया। इन असहनीय पारिवारिक दुखों के बीच उन्होंने अपने प्रियजनों की स्मृति में यह दान अर्पित किया।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर मांगी आत्मा की शांति
दान देने के बाद महिला ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने पति तथा दोनों बेटों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए प्रार्थना की। मंदिर प्रशासन ने उनके इस श्रद्धा और समर्पण की सराहना की।
जनकल्याण और धार्मिक कार्यों में होगा उपयोग
मंदिर प्रशासन ने बताया कि दान की गई राशि का उपयोग नियमानुसार धार्मिक गतिविधियों, अन्नक्षेत्र और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था और मनोकामनाओं के साथ-साथ अपने प्रियजनों की स्मृति में भी विशेष दान अर्पित करते हैं। तमिलनाडु की इस वृद्ध महिला का समर्पण भी श्रद्धा और भक्ति का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।