1st Bihar Published by: RAKESH KUMAR Updated Jul 16, 2026, 7:09:02 PM
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Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच में पहले चरण की महत्वपूर्ण कार्रवाई पूरी हो गई है। पीड़ित पक्ष की गवाही समाप्त होने के बाद अब पुलिस-प्रशासन के गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। दोनों पक्षों की प्रारंभिक गवाही पूरी होने के बाद राज्य सरकार को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
यह जानकारी गुरुवार को न्यायिक जांच आयोग के सचिव एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने आयोग कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा के निर्देशन में 11 जुलाई से गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब तक पीड़ित पक्ष के नौ गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
मृतक भरत भूषण की मां आशा देवी ने दर्ज प्राथमिकी में हत्या का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस का दावा है कि भरत भूषण के पास अवैध पिस्टल थी और आत्मरक्षा में की गई फायरिंग के दौरान उसकी मौत हुई।
गुरुवार से पुलिस और प्रशासन की ओर से भी गवाही शुरू हो गई है। आयोग ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित 15 पुलिसकर्मियों को गवाही के लिए समन जारी किया है। सचिव ने बताया कि दोनों पक्षों की प्रथम चरण की गवाही अगले दो दिनों में पूरी होने के बाद सरकार को अंतरिम रिपोर्ट भेज दी जाएगी, जबकि विस्तृत अंतिम रिपोर्ट जांच पूरी होने पर प्रस्तुत की जाएगी। आयोग को छह माह के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है।
उन्होंने बताया कि पूरी गवाही की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। इसके बाद दूसरे चरण की सुनवाई में दोनों पक्षों के गवाहों के बयान दोबारा दर्ज किए जाएंगे। पीड़ित पक्ष के गवाह शपथपत्र के माध्यम से भी अपना बयान दर्ज करा सकेंगे।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अब तक दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष आयोग के समक्ष रखा है और सभी बयान विधिवत दर्ज किए गए हैं। प्रत्येक गवाह को बयान दर्ज कराने के लिए एक से डेढ़ घंटे का समय दिया गया। परिवार की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले सभी साक्ष्यों को जांच के लिए जब्त कर प्रदर्श सामग्री (Exhibits) के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता किसी गवाह के बयान की प्रति चाहते हैं, तो वे आवेदन देकर उसे प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, अब तक इस संबंध में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक से वीडियो हटाए जाने की खबरों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष अब तक इस संबंध में कोई शिकायत या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि मृतक का मोबाइल फोन न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत के संज्ञान में है और उसकी विधिसम्मत जांच जारी है।