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BPSC TRE-4 : TRE-4 की वैकेंसी पर बवाल, प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने घसीटा; जानिए क्या बोले शिक्षा मंत्री

पटना में TRE-4 वैकेंसी और नोटिफिकेशन की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिस ने छात्र नेताओं को हिरासत में लिया, जबकि महिला अभ्यर्थियों के साथ बल प्रयोग की तस्वीरें सामने आई हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 20, 2026, 12:57:08 PM

BPSC TRE-4 :  TRE-4 की वैकेंसी पर बवाल, प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने घसीटा; जानिए क्या बोले शिक्षा मंत्री

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BPSC TRE-4 : Bihar की राजधानी Patna में बुधवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया। नई शिक्षक बहाली और आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन की शुरुआत पटना कॉलेज परिसर से हुई, लेकिन देखते ही देखते आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया और अशोक राजपथ का इलाका पूरी तरह तनाव के माहौल में बदल गया।


अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है, जबकि TRE-4 को लेकर अब तक कोई स्पष्ट सूचना जारी नहीं की गई है। इसी नाराजगी के बीच छात्र संगठनों और शिक्षक अभ्यर्थियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन का आह्वान किया था। सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पटना कॉलेज के आसपास जुटने लगे थे। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए अभ्यर्थी “TRE-4 नोटिफिकेशन जारी करो” और “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगा रहे थे।


हालांकि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी। पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। अशोक राजपथ को छावनी में तब्दील कर दिया गया और कई जगह बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शन को आगे बढ़ाने वाले छात्र नेताओं को पुलिस ने निशाने पर लिया। छात्र नेता रिंकल यादव, जो पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी रह चुके हैं, को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने उन्हें जबरन घसीटते हुए वाहन में बैठाया। इसके कुछ देर बाद छात्र नेता खुशबू पाठक को भी पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया।


प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान कई महिला अभ्यर्थियों को सड़क पर घसीटे जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।


छात्रों का कहना है कि वे सिर्फ अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें विरोध का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा। कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस जो भी छात्र मौके पर पहुंच रहा था, उसे हिरासत में लेकर थाने भेज रही थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर वाटर कैनन भी तैनात किए गए थे।


इस पूरे विवाद के बीच बिहार सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बिहार के शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ने आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार TRE-4 प्रक्रिया को लेकर गंभीर है और लगातार काम कर रही है। मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व छात्रों को उकसा रहे हैं और आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अभ्यर्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की।


वहीं दूसरी ओर अभ्यर्थियों का कहना है कि अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस घोषणा चाहते हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी होने से लाखों युवा मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को स्पष्ट रूप से वैकेंसी और परीक्षा कैलेंडर जारी करना चाहिए, ताकि छात्रों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो सके।


फिलहाल पटना में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है, जबकि छात्र संगठन आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। TRE-4 को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।