1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 17, 2026, 7:27:44 AM
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Bihar News : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले मृत्युंजय तिवारी ने राजद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में उन्हें सम्मान नहीं मिला और उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया गया।
मृत्युंजय तिवारी के इस फैसले ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। लंबे समय से राजद के मुखर प्रवक्ता रहे तिवारी ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने कई बार अपनी नाराजगी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उन्होंने सीधे तेजस्वी यादव से भी अपनी बात रखी थी, लेकिन उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
सम्मान नहीं मिलने का लगाया आरोप
इस्तीफे के बाद मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पार्टी में लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में कुछ लोगों का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि पुराने और समर्पित नेताओं की बात सुनी ही नहीं जा रही। उन्होंने कहा कि जब किसी कार्यकर्ता या नेता को सम्मान नहीं मिलता, तब उसके लिए पार्टी में बने रहना मुश्किल हो जाता है।
तिवारी ने यह भी संकेत दिया कि संगठन के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया बदल गई है और कई नेताओं की भूमिका सीमित कर दी गई है। यही कारण रहा कि उन्होंने अंततः पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना
मृत्युंजय तिवारी ने अपने बयान में तेजस्वी यादव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपनी नाराजगी और संगठन से जुड़े मुद्दों को तेजस्वी यादव के सामने रखा था, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका दावा है कि यदि समय रहते नेतृत्व उनकी शिकायतों पर ध्यान देता, तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
RJD के लिए क्यों अहम है यह इस्तीफा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मृत्युंजय तिवारी का इस्तीफा केवल एक नेता का पार्टी छोड़ना नहीं है, बल्कि यह राजद के लिए राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चुनौती बन सकता है। तिवारी को पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिना जाता था और वे लंबे समय से मीडिया तथा संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
बिहार में जातीय और सामाजिक समीकरणों के बीच किसी प्रभावशाली नेता का इस तरह पार्टी छोड़ना विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
क्या आगे बदलेंगे राजनीतिक समीकरण?
हालांकि मृत्युंजय तिवारी ने अभी अपने अगले राजनीतिक कदम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके इस्तीफे के बाद अटकलों का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि आने वाले दिनों में वे किसी अन्य दल का दामन थाम सकते हैं या नई राजनीतिक भूमिका में दिखाई दे सकते हैं।
फिलहाल राजद नेतृत्व की ओर से इस इस्तीफे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन चुनावी माहौल के बीच इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि राजद इस राजनीतिक नुकसान की भरपाई कैसे करता है और मृत्युंजय तिवारी का अगला कदम क्या होगा।