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बिहार के इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का बदलेगा रूट, निर्माण एजेंसी ने NHAI को भेजा प्रस्ताव; बड़ी वजह आई सामने

Raxaul Haldia Expressway: रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूट में बदलाव किया गया है। एयरपोर्ट और जमीन विवाद के चलते अब इसे सीधे ICP से जोड़ा जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ट्रांसपोर्ट को बड़ा लाभ मिलेगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 11, 2026, 3:42:57 PM

Raxaul Haldia Expressway

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Raxaul Haldia Expressway: बिहार में बन रहे रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के शुरुआती रूट में बदलाव किया जा रहा है। यह बदलाव रक्सौल में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के लिए चिन्हित जमीन के आपस में टकराने के कारण किया गया है। अब एक्सप्रेसवे को सीधे इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) से जोड़ने की योजना है।


रूट सर्वे के दौरान यह सामने आया था कि रक्सौल ब्लॉक के किशनी, भरथारी, हरैया और चंदौली क्षेत्रों में एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की जमीन का कुछ हिस्सा एक-दूसरे पर आ रहा था। यदि इसी रूट पर काम आगे बढ़ता तो भविष्य में बड़ा कानूनी और प्रशासनिक विवाद उत्पन्न हो सकता था। इसी समस्या के समाधान के लिए निर्माण एजेंसी ने नया रूट मैप तैयार कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को मंजूरी के लिए भेज दिया है।


नए प्रस्ताव के अनुसार, एक्सप्रेसवे अब रक्सौल एयरपोर्ट के पीछे से शुरू होने की बजाय इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के पास से शुरू हो सकता है। इस बदलाव से एक्सप्रेसवे को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण ICP से सीधा जुड़ाव मिलेगा। इसके साथ ही जयसिंहपुर, नगर और पंथी टोला क्षेत्रों में भी रूट में आंशिक बदलाव की संभावना है।


करीब 715 किलोमीटर लंबा यह रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसके बनने से राज्यों के बीच माल ढुलाई तेज होगी और नेपाल सीमा से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।


इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए पूर्वी चंपारण जिले के आठ प्रखंडों के 56 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। रूट संशोधन के कारण अब प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा सर्वे, नए नोटिस और कागजी कार्रवाई की जाएगी।


यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह हाई-टेक होगा, जिसमें निर्धारित एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे। साथ ही सर्विस रोड, फ्लाईओवर, अंडरपास, आधुनिक टोल प्लाजा, एंबुलेंस सेवा, पेट्रोल पंप, विश्राम स्थल और ट्रकों के लिए बड़ी पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।