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नीति आयोग की बैठक में बिहार की बड़ी मांग: 18 हजार करोड़ की मदद, हर पंचायत में डिजिटल सेवाएं और नए संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव

बिहार सरकार ने शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, पर्यटन, उद्योग और बुनियादी ढांचे को लेकर कई अहम प्रस्ताव रखे। राज्य ने केंद्र से 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता, IISER, NSTI, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और अन्य संस्थानों की स्थापना का अनुरोध किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 11, 2026, 7:14:22 PM

बिहार न्यूज

नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक - फ़ोटो सोशल मीडिया

DELHI: नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में बिहार ने विकास, शिक्षा, रोजगार, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में बिहार की सक्रिय भागीदारी का संकल्प दोहराते हुए केंद्र से 18 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता, नए शैक्षणिक एवं कौशल विकास संस्थानों की स्थापना तथा पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए विशेष सहयोग की मांग की। बैठक में राज्य सरकार ने बाल शिक्षा से लेकर ऊर्जा, कृषि, उद्योग और रोजगार सृजन तक विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका भी प्रस्तुत किया। 


नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में बिहार ने केंद्र सरकार से 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता की मांग की। राज्य ने शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, पर्यटन, उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे। बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने अपने अभिभाषण में कहा कि सर्वप्रथम, मैं माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करता हूँ कि उन्होंने नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद् की इस महत्त्वपूर्ण बैठक में बिहार राज्य की तरफ से मुझे विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।


उन्होंने कहा कि बिहार आज राष्ट्र की विकास यात्रा का सहभागी मात्र न रहकर विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास (Inclusive Human Development for Viksit Bharat @2047) हेतु एक सक्रिय परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभर रहा है। इस दिशा में बिहार सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहा हूँ।


1. बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा

बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 11,529 स्वीकृत सक्षम आँगनवाड़ियों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएँ स्थापित की गई हैं। 8,400 आँगनवाड़ी केंद्रों को निकटवर्ती विद्यालयों के साथ स्थापित किया गया है तथा 34,682 केंद्रों को 500 मीटर की परिधि में प्राथमिक विद्यालयों से संबद्ध किया गया है। 3-6 वर्ष आयु वर्ग के 40.28 लाख नामांकित बच्चों में से लगभग 70% को आपार आई०डी० (APAAR ID) निर्गत किया जा चुका है।


2. विद्यालयी शिक्षा

बिहार के 76,202 सरकारी विद्यालयों में 91% में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है तथा बिहार के विद्यालयों में 9,000 से अधिक स्मार्ट कक्षाएँ क्रियाशील हैं। बालिका विद्यालयों में शत-प्रतिशत शौचालय कवरेज सुनिश्चित की गई है। 15-19 वर्ष आयु वर्ग के Out of School बच्चों को बिहार राज्य के अपने ओपन स्कूल बोर्ड में नामांकित कर पढ़ाया जा रहा है।


3. युवा, रोजगार एवं कौशल विकास

पीएम-विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षित किया गया है। पटना में ₹640 करोड़ की लागत से आर्यभट्ट अन्तर्राष्ट्रीय कौशल हब की स्थापना की जा रही है। पीएम-सेतु के माध्यम से 75 आई०टी०आई० के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹3,615 करोड़ का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर [Integrated Scheme in Skilling Architecture (ISSA)] पायलट परियोजना हेतु ₹750 करोड़, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय हेतु ₹1,500 करोड़ की वित्तीय सहायता तथा नेशनल स्कील ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट [National Skill Training Institute (NSTI)]. भागलपुर की स्थापना हेतु भी सहयोग प्रदान करने की कृपा की जाए।


4. उच्च शिक्षा

उच्च शिक्षा हेतु 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उच्च शिक्षा के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध है कि बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा स्थापना हेतु सहयोग प्रदान किया जाए।


5. खेल

हमलोगों ने खेल प्रक्षेत्र में सर्वांगीण विकास हेतु उत्साहवर्द्धक कार्य किया है। वर्ष 2024 में बिहार ने एशियन महिला एवं पुरुष हॉकी चैम्पियनशिप, एशियन रग्बी चैम्पियनशिप तथा खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया है। बिहार, 2028 में नेशनल यूथ गेम्स, 2030 में हॉकी विश्व कप एवं 2031 में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी हेतु केंद्र सरकार के विशेष सहयोग की अपेक्षा रखता है।


6. कृषि एवं किसान कल्याण

एग्री स्टैक पहल के अंतर्गत बिहार में प्रत्येक किसान को यूनिक ID प्रदान की जा रही है। PM-KISAN के लाभार्थियों में से लगभग 61% का नामांकन पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि राज्य में उद्यानिकी अनुसंधान एवं किसानों की आय में वृद्धि हेतु Central Institute for Subtropical Horticulture की स्थापना की जाए। राष्ट्रीय मखाना बोर्ड कार्यालय की स्थापना हेतु स्वीकृति एवं सहयोग प्रदान किया जाए। इसके अतिरिक्त, 100 एकड़ भूमि हस्तांतरित किए जाने के उपरांत नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ फुड टेक्नोलॉजी इन्टरप्रन्योरशिप एवं मैनेजमेंट (National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Managment (NIFTEM)] की शीघ्र स्थापना एवं आवश्यक सहयोग हेतु अनुरोध है।


7. पर्यटन प्रक्षेत्र का विकास

बिहार राज्य के आर्थिक विकास हेतु पर्यटन क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। "वन स्टेट : वन ग्लोबल डेस्टिनेशन" योजना के तहत गयाजी (बोधगया सहित) को वैश्विक पर्यटन, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने हेतु राज्य सरकार प्रयत्नशील है। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर एवं राजगीर-नालंदा-बोधगया के एकीकृत विकास हेतु कार्रवाई की जा रही है। इस संदर्भ में बिहार राज्य को अन्तर्राष्ट्रीय वायुयान कनेक्टिविटी की सुविधा हेतु सहायता का विशेष अनुरोध है।


8. आत्मनिर्भर भारत एवं स्वदेशी 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP)

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) योजना के माध्यम से सूक्ष्म उद्यमों को 35% तक पूंजी अनुदान प्रदान कर उन्हें औपचारिक क्षेत्र में सम्मिलित किया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में 40% से अधिक की वृद्धि हुई है। आत्मनिर्भर भारत एवं स्वदेशी की परिकल्पना में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की भी प्रमुख भूमिका है। भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना के तहत कुल 48 लाख 30 हजार लखपति दीदियों के साथ बिहार राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। मैं आश्वस्त करता हूँ कि बिहार राज्य अपना लक्ष्य समय से पहले ही पूर्ण कर लेगा। साथ ही, उद्योग, वाणिज्य एवं सामाजिक-आर्थिक विकास में नवाचार को प्रोत्साहन देने हेतु बिहार में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान का एक क्षेत्रीय केंद्र एवं "भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)" के अंतर्गत बिहार को अत्याधुनिक अवसंरचना से सुसज्जित 10 प्लग-एण्ड-प्ले औद्योगिक पार्क आवंटित किए जाने हेतु केंद्र सरकार का सहयोग अपेक्षित है।


9. ऊर्जा

बिहार ऊर्जा के क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। पीरपैंती, भागलपुर में 2,400 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का निर्माण प्रगति पर है। लखीसराय के कजरा में देश का सबसे बड़ा बैटरी-आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा आवंटित लक्ष्य से आगे बढ़कर लगभग 10 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।


10. ज्ञान भारतम्

बिहार ने 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर देश के अग्रणी पाँच राज्यों में स्थान प्राप्त किया है।

11. उद्योग एवं निवेश

बिहार सरकार औद्योगिकरण हेतु मिशन मोड में कार्यरत है। राज्य में 14,037 एकड़ नई औद्योगिक भूमि की स्वीकृति दी गई है। बिहार औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन पैकेज 2025, Semiconductor Policy-2026, बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति 2026 एवं Bihar Al Mission के माध्यम से Al, Electronics एवं Advanced Manufacturing आधारित नई अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत 2 वर्षों में सौर एवं विभिन्न ऊर्जा प्रक्षेत्रों, सड़क अवसंरचनाओं के निर्माण तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों हेतु 1 लाख करोड़ रूपये से अधिक निजी पूँजी निवेश को आकर्षित किया गया है। राज्य के नियोजित एवं संतुलित शहरी विकास हेतु लगभग तीन लाख एकड़ से अधिक भूमि में 14 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य राज्य सरकार ने रखा है।

12. विशेष अनुरोध

बिहार सरकार ने हर घर, नल का जल कार्यक्रम में निवेश करते हुए जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त किया है। परन्तु कतिपय कारणों से यह राशि भारत सरकार से नहीं ली जा सकी है। अतः अनुरोध है कि इस मद में व्यय की गयी राशि के केन्द्रांश रूप में लगभग 13 हजार करोड़ रूपये एवं वर्तमान में क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं हेतु 5 हजार करोड़ रूपये अर्थात् कुल 18 (अठारह) हजार करोड़ रूपये की सहायता प्रदान करने की कृपा की जाए। बिहार के सीएम सम्राट ने आगे कहा कि मैं माननीय प्रधानमंत्री महोदय को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि उनके मार्गदर्शन में बिहार सरकार विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सतत् प्रयत्नशील है एवं आपके प्रशासनिक मूल मंत्र 'सबका साथ सबका विकास' की संकल्पना को आधार मानकर आगे बढ़ रही है। माननीय प्रधानमंत्री महोदय के 'विकसित भारत-2047' की परिकल्पना को साकार करने हेतु समृद्ध बिहार की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। जय बिहार, जय भारत