1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 07, 2026, 5:26:48 PM
रिश्तेदारों का गंभीर आरोप - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA: पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक और चर्चित टीचर खान सर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। फायरिंग मामले में पहले से कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे खान सर पर अब उनके ही चाचाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले खान सर (फैजल खान) के चाचा निसार अहमद ने तो उनकी शैक्षणिक योग्यता और डिग्रियों पर सवाल खड़े कर दिये हैं। उन्होंने अपने भतीजे खान की डिग्री को ही फर्जी बता रहे हैं तो वही दूसरे चाचा मोहम्मद इमरान अहमद भतीजे को शिक्षा माफिया और नटवरलाल करार दिया है।
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में निसार अहमद ने दावा किया कि खान सर के पास कोई विशेष शैक्षणिक योग्यता नहीं है और उनकी डिग्रियां फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि खान सर केवल अपनी बोलने की कला के दम पर लोकप्रिय हुए हैं और उसी के जरिए आजीविका चला रहे हैं। चाचा निसार ने कहा कि उनका भतीजा बोलने में माहिर आदमी है।
शिक्षा माफिया और नटवरलाल है खान- चाचा इमरान अहमद
वही खान सर के एक अन्य चाचा मोहम्मद इमरान अहमद ने भी भतीजे के खिलाफ बयान दिया हैं। उन्होंने खान सर को "शिक्षा माफिया" और नटवरलाल करार देते हुए आरोप लगाया कि वे ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को भ्रमित कर रहे हैं। इमरान ने यहां तक कह दिया कि खान सर का स्वभाव अच्छा नहीं है और वे अपने सामने किसी अन्य व्यक्ति को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते।
पैसे और पावर के बल पर प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है खान- चाचा इमरान अहमद
बता दें कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी नगर पंचायत में फैजल खान उर्फ खान सर का पैतृक आवास है। जहां रहने वाले उनके चाचा इमरान अहमद ने भतीजे खान सर को बिहार का नटवरलाल बताया। चाचा इमरान ने कहा कि खान बहुत महत्वाकांक्षी टाइप का आदमी है, नटवरलाल एक तरह से कह सकते हैं। जो अपने आप को केवल हाइलाइट करने के लिए इस तरह का काम करता है। वह दूसरे कोचिंग सेंटर को खत्म करना चाहता है। इमरान अहमद ने कहा कि मैं सगा पाटीदार हूं, पुश्तैनी मकान को साजिश के तहत खान सर हड़पना चाहता है। जबकि दीवानी न्यायालय से हारे हुए हैं, अब मामला हाई कोर्ट में चल रहा है। ये लोग पैसे-पावर के बल पर इस प्रॉपर्टी को हड़पना चाहता है।
लॉकडाउन में खान की लगी लॉटरी- चाचा इमरान अहमद
चाचा इमरान आगे कहते हैं कि सिर्फ दिखाने के लिए समाज के रहनुमा खान बने हुए हैं। खान कहता है कि वो बहुत कम पैसे में बच्चों को कोचिंग में पढ़ाते हैं लेकिन हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के कुछ और हैं। ये नटवरलाल, बहुत साजिश वाला आदमी है। खान खुद को ऊंचा और बड़ा आदमी दिखाने के लिए कुछ भी कर सकता है। चाचा ने बताया कि खान बिहार कैसे पहुंचा? उन्होंने बताया कि जब देशभर में कोरोना को लेकर लॉकडाउन हुआ तभी खान की लॉटरी लग गयी। जब स्कूल और कोचिंग सब बंद हो गया तब खान यू ट्यूब पर बच्चों को पढ़ाने लगा और बिहार के लोगों ने ज्यादा मान सम्मान दे दिया। खान की असलियत समझने की कोशिश किसी ने नहीं की। चाचा इमरान ने यहां तक कह दिया कि बिहार के लोगों को नौटंकी पसंद आती है। खान की भी नौटंकी भा गई। खान की कोचिंग में जाकर देखिये कि वो कैसे नौटंकीबाजी करता है।
"खान सर को सजा मिलनी चाहिए"- चाचा इमरान अहमद
खान के चाचा मोहम्मद इमरान ने आगे कहा कि खान सर खुद को भगवान समझने लगे हैं और उन्हें अपनी लोकप्रियता और पैसे का घमंड हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर अपनी कोचिंग के छात्रों के रिजल्ट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। यदि उनके कोचिंग से 10 छात्र पास करेगा तो उसे वो 20 बताएगा। वही पटना फायरिंग मामले पर खान के चाचा ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी को सजा मिलनी चाहिए।
अग्रिम जमानत की तैयारी में खान सर
दूसरी ओर, फायरिंग मामले में खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे अग्रिम जमानत की तैयारी कर रहे हैं। खान सर के अधिवक्ता अरविंद महुआर ने बताया कि उनके मुवक्किल के सरेंडर करने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वकील का दावा है कि फायरिंग की घटना में खान सर की कोई भूमिका नहीं है और पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए आरोप निराधार हैं।
फायर सेफ्टी को लेकर भी बढ़ी मुश्किलें
इधर, खान ग्लोबल स्टडीज की मुश्किलें फायर सेफ्टी मानकों को लेकर भी बढ़ती नजर आ रही हैं। बिहार फायर सर्विस की जांच में कोचिंग संस्थान में कई कमियां पाई गई हैं। अधिकारियों के अनुसार यदि तय समय सीमा तक सभी कमियों को दूर नहीं किया गया तो संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की स्थिति में कोचिंग संस्थान को सील तक किया जा सकता है।