1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 30, 2026, 8:46:47 AM
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Bihar News : भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी कथित पुलिस एनकाउंटर मामले से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस प्रकरण में एक और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी दीपक दीक्षित उर्फ पंडित के खिलाफ की जा रही है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर धमकी दी और ऐसे बयान प्रसारित किए, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई।
भोजपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद दीपक दीक्षित लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों पर वीडियो व बयान साझा कर रहा था। पुलिस का दावा है कि इन बयानों में वरिष्ठ अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर जान से मारने जैसी धमकियां दी गईं और लोगों को पुलिस के खिलाफ उकसाने की कोशिश की गई।
प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस ने कहा है कि आरोपी द्वारा साझा किए गए वीडियो और बयानों का उद्देश्य पुलिस प्रशासन के खिलाफ लोगों में आक्रोश पैदा करना और भय का वातावरण बनाना था। पुलिस का आरोप है कि बिना किसी सत्यापित तथ्य के मुठभेड़ को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए और सोशल मीडिया के जरिए पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाया गया।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं, बल्कि समाज में अशांति फैलाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की भी क्षमता रखते हैं। इसी आधार पर साइबर थाने में मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई है।
भोजपुर पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा साझा किए गए वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट, ऑडियो क्लिप और मीडिया बाइट्स का तकनीकी एवं कानूनी परीक्षण कराया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञ डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित पोस्ट और वीडियो भारतीय कानून के किन प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। पुलिस ने बताया कि उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, शिकायतों और प्रारंभिक जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस ने यह भी दावा किया है कि दीपक दीक्षित उर्फ पंडित के खिलाफ मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें महिला से छेड़छाड़, दुष्कर्म, फोटो और वीडियो वायरल करने तथा जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए गए हैं। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन सभी मामलों में अंतिम फैसला संबंधित अदालतों द्वारा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। इसलिए इन मामलों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर के बाद शुरू हुए विवाद से जुड़ा हुआ है। मुठभेड़ के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो, दावे और आरोप सामने आए थे, जिनकी जांच पुलिस कर रही है।भोजपुर पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ सामग्री को गंभीरता से लिया गया है और साइबर थाना डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन के किसी भी भड़काऊ या भ्रामक सामग्री को साझा न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से इस नई प्राथमिकी पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।