Hindi News / bihar / bhagalpur-news / आश्रम में मासूम के साथ गलत काम करते रंगे हाथों पकड़ाया था बाबा...

आश्रम में मासूम के साथ गलत काम करते रंगे हाथों पकड़ाया था बाबा धर्मानंद, 2 साल बाद कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

भागलपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए बाबा धर्मानंद को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के साथ ही पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया है। जानिए पूरा मामला

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 30, 2026, 11:29:37 AM

आश्रम में मासूम के साथ गलत काम करते रंगे हाथों पकड़ाया था बाबा धर्मानंद, 2 साल बाद कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

- फ़ोटो

Baba Dharmanand Case: बिहार के भागलपुर जिले में बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए बाबा धर्मानंद को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है. पॉक्सो की विशेष अदालत ने आरोपी बाबा को 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.


मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी आक्रोश देखा गया था. आरोपी बाबा पर आरोप था कि उसने अपने आश्रम में खेलने पहुंची एक छोटी बच्ची के साथ गलत काम किया था. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया था और जमकर विरोध किया था.


अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषी पाया गया, जिसके बाद पॉक्सो की विशेष जज सुगन्धा प्रसाद की अदालत ने यह फैसला सुनाया. सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे पॉक्सो के विशेष पीपी शंकर जय किशन मंडल ने बताया कि कोर्ट ने पीड़िता को तीन लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है.


आरोपी बाबा धर्मानंद जगदीशपुर थाना क्षेत्र के वादे गांव का रहने वाला है. उसके खिलाफ मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में मई 2024 में मामला दर्ज किया गया था.


आश्रम में खेलने गई थी बच्ची, वहीं हुई थी घटना

पुलिस जांच में सामने आया था कि बच्ची खेलने के दौरान आश्रम पहुंच गई थी. इसी दौरान वहां मौजूद महंत बाबा धर्मानंद ने उसके साथ दुष्कर्म किया. जब आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया था.


घटना के बाद लोगों में काफी गुस्सा था और उन्होंने आरोपी को पकड़कर विरोध जताया था. हालांकि, उस समय आरोपी वहां से भागने में सफल रहा था. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के अंदर ही उसे गिरफ्तार कर लिया था.


मामले की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके आधार पर कोर्ट में सुनवाई हुई. गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया.


गवाही से पहले महिला पर हमला करने का आरोप

इसी इलाके में एक अन्य मामला भी सामने आया है, जहां एक महिला ने ससुराल पक्ष पर मारपीट कर घर से निकालने और गवाही देने से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.


पीड़ित महिला रंजू देवी ने बताया कि पति की मौत के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे परेशान कर रहे थे. इस संबंध में उसने पहले भी मधुसूदनपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी.


महिला के अनुसार, सोमवार को इसी मामले में उसकी गवाही होनी थी. आरोप है कि इसकी जानकारी मिलने के बाद ससुराल पक्ष के लोग हथियार और रॉड लेकर उसके कमरे में पहुंचे और उसके साथ मारपीट की.


महिला ने आरोप लगाया कि उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई. बच्चों के शोर मचाने के बाद आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल और फिर थाना पहुंचाया.