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खान सर की अग्रिम जमानत पर फैसला आज, बॉडीगार्ड्स की बेल पर भी कोर्ट सुनाएगा आदेश; मिलेगी राहत?

Khan Sir Bail Hearing: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में आज खान सर की अग्रिम जमानत और उनके दोनों बॉडीगार्ड्स की नियमित जमानत पर कोर्ट फैसला सुनाएगा। पुलिस जांच में हथियारों के लाइसेंस और वैध अनुमति को लेकर कई अहम तथ्य सामने आए हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 07, 2026, 7:47:58 AM

Khan Sir Bail Hearing

- फ़ोटो Google

Khan Sir Bail Hearing: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में मंगलवार को अहम फैसला आने वाला है। कोर्ट आज खान ग्लोबल स्टडीज के शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत और जेल में बंद उनके दोनों बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार तथा तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगा। पिछली सुनवाई के दौरान एडीजे (ADJ) ने खान सर और उनके सहयोगियों को 7 जुलाई तक अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था।


पुलिस जांच में सामने आई अहम जानकारी

पटना पुलिस की जांच में दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों और उनके लाइसेंस के सत्यापन के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने इन जानकारियों को अपनी अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है।पुलिस के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार तालेबर सिंह (34), निवासी कासगंज (उत्तर प्रदेश) के नाम पर है। हालांकि जांच में पता चला कि उसके हथियार लाइसेंस का परमिट पूरे भारत में मान्य नहीं था।


पुलिस का आरोप है कि तालेबर सिंह के पास बिहार में हथियार लेकर आने, सुरक्षा ड्यूटी करने और बॉडीगार्ड के रूप में कार्य करने की वैध अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद वह बिहार में हथियार के साथ सुरक्षा कर्मी के रूप में तैनात था। जांच में यह भी सामने आया कि बिहार में हथियार के साथ नौकरी करने की सूचना स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित थाने को नहीं दी गई थी, जिसे पुलिस कानून का उल्लंघन मान रही है।


खान सर पर भी उठे सवाल

पुलिस का कहना है कि खान सर ने तालेबर सिंह को बॉडीगार्ड के रूप में नियुक्त किया, लेकिन उसका पुलिस सत्यापन (Police Verification) नहीं कराया। जांच एजेंसी का मानना है कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्हें सुरक्षा कर्मी की नियुक्ति से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए था।


प्रदीप कुमार के लाइसेंस पर भी जांच

दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार का लाइसेंस मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) से जारी हुआ था। जांच में पता चला कि इस लाइसेंस पर पूरे भारत में हथियार रखने की अनुमति तो थी, लेकिन यह लाइसेंस उसके पिता की हत्या के बाद आत्मरक्षा (Self Defence) के उद्देश्य से जारी किया गया था। पुलिस का आरोप है कि इस लाइसेंस का इस्तेमाल निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से व्यावसायिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए किया गया, जो आर्म्स लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप नहीं है।


अपडेटेड केस डायरी में शामिल हुए नए तथ्य

पुलिस ने हथियारों के लाइसेंस, वैध अनुमति और उनके उपयोग से जुड़े सभी तथ्यों को अपडेटेड केस डायरी में शामिल कर लिया है। अब इन बिंदुओं के आधार पर कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखेंगे। अब सभी की निगाहें 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट जमानत याचिका पर पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुन सकता है।