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Bihar News : बिहार में 15 जून से बड़ा बदलाव! तीन प्रमुख पीपा पुल बंद, लाखों यात्रियों पर पड़ेगा असर

15 जून की आधी रात से बिहार के 3 महत्वपूर्ण पीपा पुलों पर वाहनों की आवाजाही बंद हो जाएगी। गंगा के बढ़ते जलस्तर और मानसून को देखते हुए प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला। जानिए किन-किन पुलों पर लगेगा ब्रेक।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 12, 2026, 10:57:34 AM

Bihar News  : बिहार में 15 जून से बड़ा बदलाव! तीन प्रमुख पीपा पुल बंद, लाखों यात्रियों पर पड़ेगा असर

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Bihar News : बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के तीन महत्वपूर्ण पीपा पुलों पर 15 जून की आधी रात से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को देखते हुए इन पुलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


जारी सूचना के अनुसार, जिन तीन पीपा पुलों पर वाहनों का परिचालन बंद होगा, उनमें कच्ची दरगाह-रूस्तमपुर पीपा पुल, ग्यासपुर-कालादियारा पीपा पुल और दानापुर-पानापुर पीपा पुल शामिल हैं। ये तीनों पुल पटना, वैशाली और सारण जिलों के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रतिदिन हजारों लोग इन पुलों के जरिए कम दूरी तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।


कच्ची दरगाह-रूस्तमपुर पीपा पुल पटना और वैशाली जिले को जोड़ता है। वहीं ग्यासपुर-कालादियारा पीपा पुल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। इसके अलावा दानापुर-पानापुर पीपा पुल पटना और सारण जिले के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। इन पुलों के बंद होने के बाद लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।


बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल पटना-1 की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि 15 जून की रात 12 बजे के बाद पुलों को खोलने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और नदी की धारा भी काफी तेज हो जाती है। ऐसे में पीपा पुलों को यथावत रखना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।


दरअसल, पीपा पुल अस्थायी संरचनाएं होती हैं, जिन्हें नदी में जलस्तर सामान्य रहने के दौरान स्थापित किया जाता है। इन पुलों का निर्माण लोहे के बड़े-बड़े तैरते हुए पीपों पर किया जाता है, जिनके ऊपर सड़क बनाई जाती है। लेकिन मानसून के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण इन पुलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। यही कारण है कि हर वर्ष बारिश शुरू होने से पहले इन्हें खोल दिया जाता है और मानसून समाप्त होने के बाद दोबारा स्थापित किया जाता है।


प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि 15 जून के बाद इन पीपा पुलों के रास्ते यात्रा की योजना न बनाएं। साथ ही वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। पुल बंद होने के कारण कुछ इलाकों में यात्रा की दूरी बढ़ सकती है, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला आवश्यक बताया गया है।


इधर, बिहार में मानसून भी तेजी से सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, किशनगंज और अररिया के रास्ते मानसून ने बिहार में प्रवेश कर लिया है। इसके बाद इसका विस्तार सुपौल, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा सहित कई जिलों तक हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि 14 से 15 जून के बीच पूरे बिहार में मानसून सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कई जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है।मानसून के आगमन और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। ऐसे में लोगों को भी सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।