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Bihar Panchayat Election : अब घर बैठे होगा वोट! बिहार पंचायत चुनाव में बुजुर्गों और दिव्यांगों को बड़ी राहत, जानिए क्या है निर्वाचन आयोग का नया प्लान

बिहार पंचायत चुनाव 2026 में पहली बार ई-वोटिंग की सुविधा शुरू होने जा रही है। बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाएं घर बैठे वोट डाल सकेंगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए नए नियम और पात्रता तय की है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 09, 2026, 1:30:23 PM

Bihar Panchayat Election : अब घर बैठे होगा वोट! बिहार पंचायत चुनाव में बुजुर्गों और दिव्यांगों को बड़ी राहत, जानिए क्या है निर्वाचन आयोग का नया प्लान

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Bihar Panchayat Election : बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार एक बड़ी और नई पहल की है। पहली बार पंचायत चुनाव में बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं के लिए ई-वोटिंग की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं को राहत देना है, जिन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई होती है। आयोग का मानना है कि इस कदम से विशेष जरूरत वाले लोगों की चुनावी भागीदारी बढ़ेगी और वे घर बैठे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।


राज्यभर में पंचायत चुनाव के दौरान जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और पंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाता और गर्भवती महिलाएं ई-वोटिंग सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगी। हालांकि, किसी भी बूथ पर कुल मतदाताओं के केवल 30 प्रतिशत पात्र लोगों को ही यह सुविधा दी जाएगी। आयोग का कहना है कि यह सीमा व्यवस्था के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक सुविधा पहुंचाने के लिए तय की गई है।


ई-वोटिंग का लाभ लेने के इच्छुक मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी जमा करने होंगे। पात्रता की जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी बीएलओ, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविकाओं को दी गई है। ये कर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करेंगे। सूची की जांच के बाद ही संबंधित मतदाता को ई-वोटिंग की अनुमति प्रदान की जाएगी।


राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि गलत जानकारी देकर ई-वोटिंग सुविधा हासिल करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने पर जोर दे रहा है। इसी वजह से सभी आवेदनों की गंभीरता से जांच की जाएगी ताकि केवल वास्तविक पात्र लोगों को ही इसका लाभ मिल सके।


इधर, आयोग ने पंचायत चुनाव 2021 से जुड़े पुराने चुनावी दस्तावेजों को नष्ट करने का भी निर्देश जारी किया है। इस संबंध में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। आयोग के निर्देश के अनुसार मतदाता सूची, मतदान रजिस्टर और अन्य चुनावी अभिलेखों को नियमों के तहत वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ नष्ट किया जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और रिकॉर्ड निस्तारण में किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी।


राज्य निर्वाचन आयोग की यह नई पहल बिहार के पंचायत चुनाव को अधिक आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। राजनीतिक और सामाजिक जानकारों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था सफल रही तो आने वाले समय में अन्य चुनावों में भी ऐसी सुविधाओं को लागू किया जा सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है।