1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 09, 2026, 2:13:44 PM
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EPFO 3.0 Launch : देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी Employees' Provident Fund Organisation की ओर से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया, दफ्तरों के चक्कर और कई दिनों के इंतजार से छुटकारा मिलने वाला है। EPFO अपनी नई डिजिटल पहल ‘EPFO 3.0’ के तहत मई के अंत तक एटीएम और यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था से देशभर के करीब 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को फायदा मिलेगा। माना जा रहा है कि मई-जून 2026 तक यह सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा और इसके बाद पीएफ से जुड़े ज्यादातर काम बेहद आसान और पेपरलेस हो जाएंगे।
EPFO 3.0 को पीएफ सिस्टम का सबसे बड़ा डिजिटल अपग्रेड माना जा रहा है। इस नई सुविधा का उद्देश्य कर्मचारियों को जरूरत के समय तुरंत आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। अभी तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम करने के बाद लोगों को 7 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकती है।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपने पीएफ खाते से उसी तरह कैश निकाल सकेंगे जैसे बैंक के डेबिट कार्ड से एटीएम से पैसा निकाला जाता है। इसके अलावा यूपीआई आधारित सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे कर्मचारी गूगल पे, फोनपे या अन्य यूपीआई ऐप के जरिए अपने बैंक खाते में तुरंत रकम ट्रांसफर कर पाएंगे। जानकारी के अनुसार, यूपीआई के माध्यम से एक लाख रुपये तक की राशि तुरंत ट्रांसफर की जा सकेगी।
हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। सबसे पहले कर्मचारी का यूएएन यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव होना चाहिए। इसके अलावा पीएफ अकाउंट का पैन कार्ड, बैंक अकाउंट और अन्य जरूरी दस्तावेजों से लिंक होना अनिवार्य होगा। EPFO ने निकासी की सीमा भी तय की है। कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा कुल रकम का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा ही एटीएम या यूपीआई के जरिए निकाल पाएंगे।
इसके साथ ही अलग-अलग जरूरतों के लिए पहले से लागू पीएफ निकासी के नियम भी जारी रहेंगे। शादी के लिए कर्मचारी सात साल की नौकरी पूरी होने के बाद अपने योगदान का 50 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं। मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में नौकरी की कोई न्यूनतम समय सीमा तय नहीं है। ऐसे मामलों में कर्मचारी अपनी छह महीने की सैलरी के बराबर या जमा रकम में से जो कम हो, वह राशि निकाल सकते हैं।
अगर कोई कर्मचारी घर खरीदना या बनाना चाहता है, तो पांच साल की नौकरी पूरी होने के बाद वह अपनी सैलरी के 24 से 36 गुना तक की राशि निकाल सकता है। वहीं नौकरी छूटने की स्थिति में कर्मचारी एक महीने बाद अपने पीएफ का 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं और दो महीने बाद पूरा फंड निकालने की अनुमति होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि EPFO 3.0 के लागू होने से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी और इमरजेंसी के समय उन्हें तुरंत आर्थिक सहायता मिल सकेगी। डिजिटल प्रक्रिया होने के कारण फर्जीवाड़े और देरी की समस्या भी कम होगी। सरकार और EPFO का लक्ष्य पीएफ सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और यूजर फ्रेंडली बनाना है, ताकि कर्मचारियों को अपने ही पैसे के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।