1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 11, 2026, 5:55:07 PM
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PATNA: खबर सरकारी शिक्षकों से जुड़ी हुई है, जो पटना से आ रही है। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी टीचरों को यह निर्देश जारी किया है कि वो स्कूल परिसर या अन्य स्थानों पर कोचिंग अथवा ट्यूशन नहीं पढ़ा सकते हैं। वो सिर्फ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षित करने का काम करें। यदि कोई कोचिंग या ट्यूशन पढ़ाते पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन आर ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को चिट्ठी लिखी है। कहा है कि विद्यालय परिसर के अंदर या अन्य स्थानों पर अवस्थित कोचिंग या निजी ट्यूशन एवं व्यवसायिक संस्थानों में संलिप्त शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को जो चिट्ठी भेजी गयी है उसमें इस बात का जिक्र है कि आप अवगत हैं कि विगत वर्षों में राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। अब सभी विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध है।
उक्त परिप्रेक्ष्य में आवश्यक है कि शिक्षक बच्चों के पढ़ाई के प्रति जवाबदेह हो। सरकारी विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता बनी रहे।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है कि शिक्षक अपने पदस्थापित विद्यालय के बच्चों को बेहतर शिक्षा दें। शिक्षकों द्वारा अपने विद्यालय परिसर अथवा अन्य स्थानों पर कोचिंग / निजी ट्यूशन एवं व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाने से उनके पदस्थापित विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
माध्यमिक शिक्षा के निर्देशक सज्जन आर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी सरकारी विद्यालय के शिक्षक अपने विद्यालय परिसर अथवा अन्य स्थानों पर अवस्थित कोचिंग / निजी ट्यूशन एवं व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाने का कार्य नहीं करेंगे। यदि कोई शिक्षक कोचिंग / निजी ट्यूशन एवं व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाने में संलिप्त पाये जाते हैं तो शिक्षकों के लिए निर्धारित आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा और तदनुरूप उनके विरूद्ध कठोर एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाये।