1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 21, 2026, 11:58:47 AM
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Bihar News: बिहार में अब विकास योजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि उन्हें तेजी से जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी दिशा में राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी प्राथमिकताओं को तय करें और उसी आधार पर योजनाओं का प्रस्ताव तैयार करें। इस फैसले का मकसद है कि बिहार केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ उठा सके और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को करीब 2 लाख करोड़ रुपये का बड़ा फंड आवंटित किया है। ऐसे में बिहार सरकार की नजर इस फंड के बड़े हिस्से पर है। मुख्य सचिव ने कहा कि अगर विभाग अपनी योजनाओं को स्पष्ट, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप प्रस्तुत करेंगे, तभी राज्य को इस राशि का पूरा फायदा मिल सकेगा। उन्होंने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिया कि वे पांच प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करें, ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो सके।
इस बैठक की सबसे अहम बात रही—बिहार में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा का विस्तार। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य के 1.04 लाख से अधिक घरों तक PNG सेवा पहुंचाई जाए। यह योजना न केवल लोगों को रसोई गैस की आसान और सुरक्षित सुविधा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी। PNG के इस्तेमाल से प्रदूषण कम होगा और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता भी घटेगी।
मुख्य सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागों को केंद्र सरकार के सभी दिशा-निर्देशों, खासकर ब्रांडिंग नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि 31 मार्च 2026 तक खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) समय पर जमा किया जाए, ताकि फंडिंग में कोई बाधा न आए।
वित्तीय अनुशासन को मजबूत बनाने के लिए सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) खातों में जमा ब्याज राशि को भी जल्द से जल्द भारत की संचित निधि में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी धन का सही और पारदर्शी उपयोग हो।
सरकार ने योजनाओं की निगरानी के लिए भी एक सख्त सिस्टम तैयार किया है। वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा बैठकें होंगी, जबकि अपर मुख्य सचिव हर 15 दिन में खुद प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसका उद्देश्य है कि कोई भी योजना फाइलों में अटकी न रहे और समय पर पूरी हो।