1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 09, 2026, 12:11:41 PM
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Bihar Board : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2026 की वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) परीक्षा में शामिल लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा 2026 के अंक पत्र (Marksheet), प्रोविजनल सर्टिफिकेट (Provisional Certificate), क्रॉस लिस्ट तथा सारणीयन पंजी (Tabulation Register) राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालयों को भेज दिए हैं। इसके साथ ही विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द संबंधित कार्यालयों से दस्तावेज प्राप्त कर छात्रों के बीच वितरण की प्रक्रिया शुरू करें।
बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अंक पत्र और प्रमाण पत्र वितरण से पहले विद्यालयों को सभी दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक मिलान करना होगा। किसी भी छात्र को दस्तावेज सौंपने से पहले यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि उसमें दर्ज नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, विषयवार अंक और फोटो सहित सभी विवरण सही हैं।
जिलों में भेजे गए आवश्यक दस्तावेज
बोर्ड की ओर से सभी जिलों को मैट्रिक परीक्षा 2026 से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब विद्यालय प्रधानों की जिम्मेदारी होगी कि वे जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से अपने विद्यालय के छात्रों के अंक पत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त करें तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका वितरण करें। बोर्ड का कहना है कि दस्तावेजों का सही तरीके से सत्यापन करने के बाद ही छात्रों को प्रमाण पत्र दिए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
फोटो संबंधी त्रुटियों पर विशेष सतर्कता
बिहार बोर्ड ने फोटो संबंधी गलतियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी छात्र के अंक पत्र या प्रमाण पत्र में गलत फोटो छपा है, फोटो अस्पष्ट है अथवा फोटो उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे दस्तावेज छात्रों को वितरित नहीं किए जाएंगे।विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वितरण से पहले सभी प्रमाण पत्रों और अंक पत्रों की जांच करें। यदि किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलती है तो उसे तुरंत सुधार के लिए संबंधित जिला परीक्षा शाखा को भेजा जाए।
20 जून 2026 तक सुधार का अंतिम अवसर
बोर्ड ने छात्रों और विद्यालयों को त्रुटि सुधार के लिए सीमित समय दिया है। निर्देश के अनुसार, जिन अंक पत्रों या प्रमाण पत्रों में किसी प्रकार की गलती पाई जाती है, उन्हें आवश्यक साक्ष्यों और अग्रसारण पत्र (Forwarding Letter) के साथ 20 जून 2026 तक जिला परीक्षा शाखा में जमा करना होगा। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि निर्धारित तिथि के बाद फोटो संबंधी या अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए भेजे गए मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए छात्रों और विद्यालयों को समय रहते सभी दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए।
स्कूल प्रधानों की जिम्मेदारी तय
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस पूरी प्रक्रिया में विद्यालय प्रधानों की जिम्मेदारी भी निर्धारित कर दी है। यदि किसी छात्र के अंक पत्र में त्रुटि होने के बावजूद समय पर सुधार के लिए आवेदन नहीं भेजा जाता है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित विद्यालय प्रधान की मानी जाएगी। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे विद्यालयवार तैयार किए गए पैकेट बिना किसी देरी के संबंधित स्कूलों को उपलब्ध कराएं, ताकि वितरण प्रक्रिया प्रभावित न हो।
गलत वितरण होने पर तत्काल लौटाने का निर्देश
बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि किसी विद्यालय को गलती से दूसरे विद्यालय के छात्र का अंक पत्र या प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाता है, तो उसे तत्काल वापस करना होगा। दस्तावेजों के आदान-प्रदान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने पर जोर दिया है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
बिहार बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि अंक पत्र प्राप्त करते ही उसमें दर्ज सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करें। नाम, जन्मतिथि, फोटो, रोल नंबर या अन्य किसी विवरण में त्रुटि दिखाई देने पर तुरंत अपने विद्यालय से संपर्क करें। समय रहते सुधार कराने पर भविष्य में उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी संबंधी दस्तावेज सत्यापन में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
मैट्रिक 2026 के छात्रों के लिए यह सूचना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि 20 जून के बाद त्रुटि सुधार का अवसर समाप्त हो जाएगा। इसलिए सभी छात्र जल्द से जल्द अपने विद्यालय से संपर्क कर अंक पत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त करें तथा उसकी जांच अवश्य कर लें।