1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 23, 2026, 12:49:03 PM
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Bihar AI Summit: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना में आयोजित एआई समिट में बिहार के विकास, तकनीक, कानून-व्यवस्था और उद्योगों को लेकर सरकार का बड़ा विजन पेश किया। ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है और बिहार प्रशासन, पुलिसिंग, अर्थव्यवस्था तथा उद्योग विकास में इसकी अहम भूमिका होने वाली है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी पटना में हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एआई तकनीक की मदद से अपराधियों तक बेहद तेजी से पहुंचा जा सकता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सिस्टम को किसी “हरे गमछे वाले व्यक्ति” को खोजने का निर्देश दिया जाए तो एआई तुरंत उसे ट्रैक कर सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति की ओर नहीं था।
कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। पुलिस और प्रशासन को पूरी छूट दी गई है और यदि कोई अपराधी व्यवस्था को चुनौती देता है तो उसे 48 घंटे के भीतर जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘रूल ऑफ लॉ’ स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई का उपयोग केवल पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि टेंडरों की दोबारा जांच में एआई के इस्तेमाल से सरकार के काफी पैसे बचे हैं।
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि “सहयोग पोर्टल” पर ऐसा मंच विकसित किया जाए, जहां बिहार और विदेशों में रहने वाले लोग राज्य की गौरवशाली विरासत और विकास को लेकर अपने सुझाव दे सकें।
उन्होंने प्रवासी बिहारियों और युवाओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि जो लोग देश या विदेश में सफलता हासिल कर चुके हैं, वे वहीं रहकर भी अपनी जन्मभूमि का कर्ज चुका सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मजदूरी के लिए पलायन करने वालों की चिंता करेगी, लेकिन सफल लोगों को बिहार के विकास में योगदान देना चाहिए।
उद्योग और अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ फैक्ट्रियां लगाना नहीं, बल्कि बिहार की पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि राज्य का मौजूदा राजस्व करीब 60 हजार करोड़ रुपये है, जिसे बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने पटना के मरीन ड्राइव विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मौजूदा 21 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव को अब लगभग 125 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। करीब 19 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना को पीपीपी मॉडल पर अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में आईटी हब, डेटा सेंटर और पावर सेक्टर में बड़े निवेश आ रहे हैं। राज्य फिलहाल 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहा है और अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य तय किया गया है।