Hindi News / bihar / khagaria-news / नाव का झंझट खत्म! गंगा पर बन रहा बिहार का मेगा महासेतु, उत्तर-दक्षिण...

नाव का झंझट खत्म! गंगा पर बन रहा बिहार का मेगा महासेतु, उत्तर-दक्षिण की दूरी होगी मिनटों में तय; दिसंबर 2027 से दौड़ेंगी गाड़ियां

Bihar News: बिहार में गंगा नदी पर बन रहा अगुवानी–अजगैवीनाथ धाम मेगा सेतु तेजी से आकार ले रहा है। इस पुल के बन जाने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। निर्माण एजेंसियों के अनुसार, इसे दिसंबर 2027 तक चालू करने की...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 11, 2026, 3:20:48 PM

नाव का झंझट खत्म! गंगा पर बन रहा बिहार का मेगा महासेतु, उत्तर-दक्षिण की दूरी होगी मिनटों में तय; दिसंबर 2027 से दौड़ेंगी गाड़ियां

- फ़ोटो

Agwani Ajgaivinath Bridge: बिहार के लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. वर्षों से इंतजार का केंद्र बना अगुवानी-अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) महासेतु अब तेजी से आकार ले रहा है. गंगा नदी पर बन रहा यह महत्वाकांक्षी पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन की तस्वीर बदलने वाला है. निर्माण एजेंसियों ने अपडेट दिया है कि यदि काम इसी रफ्तार से चलता रहा तो दिसंबर 2027 तक इस महासेतु पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा.


यह पुल बिहार के विकास का नया द्वार माना जा रहा है. इसके चालू होने के बाद हजारों लोगों को गंगा पार करने के लिए नावों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. रोजाना यात्रा करने वाले छात्रों, व्यापारियों, मरीजों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. लंबे चक्कर और घंटों का सफर मिनटों में सिमट जाएगा.


फिलहाल निर्माण स्थल पर युद्धस्तर पर काम जारी है. गंगा की मुख्य धारा में एक साथ कई जगहों पर वैल कैप, पिलर और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है. भारी मशीनें दिन-रात काम में लगी हुई हैं. कहीं सरिया बांधने का कार्य चल रहा है तो कहीं कंक्रीटिंग और पिलर निर्माण की प्रक्रिया तेज गति से जारी है. निर्माण कार्य की निगरानी विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम लगातार कर रही है ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता न हो.


निर्माण कंपनी SP Singla Constructions के अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और उन्नत मशीनों की मदद से परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी ने यह भी दावा किया है कि गंगा में जलस्तर बढ़ने और बाढ़ आने की स्थिति में भी निर्माण कार्य पूरी तरह बंद नहीं होगा. इसके लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था की गई है ताकि मानसून के दौरान भी काम प्रभावित न हो.


जानकारी के अनुसार इस महासेतु की कुल लंबाई लगभग 3.16 किलोमीटर होगी, जबकि दोनों ओर बनने वाले एप्रोच रोड की लंबाई करीब 25 किलोमीटर रखी गई है. यानी यह सिर्फ पुल नहीं बल्कि एक विशाल कनेक्टिविटी कॉरिडोर होगा, जो कई जिलों को सीधे जोड़ने का काम करेगा.


इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कृषि उत्पादों का परिवहन आसान होगा, उद्योगों को नया बाजार मिलेगा और पर्यटन को भी गति मिलेगी. खासकर अजगैवीनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा.