1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Jun 11, 2026, 3:29:43 PM
परिजनों में मचा कोहराम - फ़ोटो सोशल मीडिया
JAMUI: जमुई रेलवे यार्ड परिसर से गुरुवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 42 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई, जबकि पूरे इलाके में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।
मृतक की पहचान ज्वाला कुमार सिंह उर्फ सेठ जी (42) के रूप में हुई है। वह अपने ननिहाल अक्षरा (कटौना) गांव में बचपन से ही रह रहे थे। उनके मामा बिपिन कुमार सिंह बिजली विभाग में कार्यरत हैं, जबकि दूसरे मामा कमल किशोर सिंह उर्फ पिंटू सिंह हैं। परिजनों के अनुसार ज्वाला कुमार की शादी नहीं हुई थी और वह लंबे समय से अपने नाना-नानी के घर पर ही रहकर जीवनयापन कर रहे थे।
मृतक के मामा कमल किशोर सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह ज्वाला कुमार घर से शौच के लिए जमुई रेलवे यार्ड की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बताया जाता है कि रेलवे ट्रैक के ऊपर लगे तार के समीप आकाशीय बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गए। तेज झटके के कारण वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े और कुछ ही क्षणों में उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल रेल पुलिस और मृतक के स्वजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में इस असामयिक मौत से मातम का माहौल है।
सूचना मिलने पर जीआरपी के एसआई ब्रजेश कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल, जमुई भेजा गया. जीआरपी थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
वहीं अंचलाधिकारी (सीओ) मयंक अग्रवाल ने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा आवेदन दिए जाने पर आपदा प्रबंधन विभाग के नियमानुसार सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और रेलवे परिसर जैसे संवेदनशील इलाकों में जाने के खतरों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से ऐसे स्थानों पर सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने की मांग की है।