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बिहार में लगातार एनकाउंटर से अपराधियों में खौफ, गंगा में हथियार बहाने के बाद कुख्यात ने किया सरेंडर

बिहार में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का असर दिखने लगा है। सीतामढ़ी में कुख्यात अपराधी के सरेंडर के बाद भागलपुर में हथियार गंगा में बहाने और अपराध से तौबा करने की कसम खाने का मामला सामने आया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 21, 2026, 12:55:45 PM

बिहार न्यूज

यही है बिहार का सम्राट राज! - फ़ोटो सोशल मीडिया

BHAGALPUR:बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि अपराधियों की अब खैर नहीं है। बिहार में किसी भी हाल में अपराधियों का बर्चस्व खत्म होगा। अपराधियों को ठीक करना हमें आता है। किसी भी बदमाशों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके इस बयान के बाद बिहार में अपराधियों के खिलाफ एक्शन जारी है। एक तरह ऑपरेशन लंगड़ा चलाया जा रहा है, वही दूसरी ओर पुलिस पर हमला करने वालों का एनकाउंटर किया जा रहा है। पुलिस की एक्शन से घबराकर अब अपराधी सरेंडर कर रहे हैं। 


सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड स्थित मटियार कला गांव निवासी 25 हजार रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी विकेश दास ने बुधवार को सीतामढ़ी कोर्ट में सरेंडर किया था।वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था और कई संगीन मामलों में वांछित था। लगातार हो रहे एनकाउंटर से घबराकर उसने यह कदम उठाया। सीतामढ़ी के विकेश दास की तरह भागलपुर का कैलाश मंडल ने भी अपराध से तौबा कर लिया। गंगा मईया को साक्षी मानते हुए उसने अपराध नहीं करने का शपथ लिया और कट्टा को नदी में बहा दिया। हथियार गंगा में बहाने के बाद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। 


बिहार सरकार की अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति का असर अब दिखाई देने लगा है. भागलपुर के सुलतानगंज थाना क्षेत्र में एक कुख्यात अपराधी ने गंगा में हथियार विसर्जित कर अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम खाई है. मामला सुलतानगंज थाना क्षेत्र के गनगनिया इलाके का है जहां के कुख्यात अपराधी कैलाश मंडल का एक वीडियो और तस्वीर चर्चा का विषय बना हुआ है. 


बताया जा रहा है कि कैलाश मंडल हाल ही में जेल से बाहर आया है. उस पर हत्या, रंगदारी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह कई बार जेल जा चुका है.जेल से बाहर आने के बाद कैलाश मंडल ने बिहार सरकार की अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गोली चलाओगे तो गोली खाओगे नीति की चर्चा सुनी. इसके बाद उसने अपराध की दुनिया छोड़ने का फैसला लिया.


बताया जा रहा है कि कैलाश मंडल गंगा घाट पहुंचा जहां उसने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और फिर अपने हथियार को गंगा नदी में विसर्जित कर दिया. इस दौरान उसने प्रण लिया कि अब वह सादगीपूर्ण जीवन जिएगा और भविष्य में किसी भी आपराधिक घटना को अंजाम नहीं देगा. फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का असर मान रहे हैं।