1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 12, 2026, 11:26:57 AM
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Bihar Road Accident: बिहार के बेगूसराय में हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं. पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्ष और एक निजी चालक की दर्दनाक मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है. हादसे की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया, वहीं पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई.
जानकारी के अनुसार राज्य पुलिस मुख्यालय पटना में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के विशेषज्ञों द्वारा थानाध्यक्षों को सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network System) से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा था. इसी प्रशिक्षण में मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार शामिल हुए थे.
दो दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे तीनों अधिकारी एक कार से मधेपुरा के लिए रवाना हुए. कार को निजी चालक ज्योतिष कुमार चला रहा था. देर रात करीब एक बजे बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े एक ट्रक में उनकी कार तेज रफ्तार से जा घुसी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चारों की मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि 10 जून की सुबह अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र और रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान उदाकिशुनगंज पहुंचे थे. यहां बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की कार से तीनों पटना के लिए निकले थे. चालक के रूप में उदाकिशुनगंज थाना के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र ज्योतिष कुमार को साथ लिया गया था.
इस हादसे में जान गंवाने वाले अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र के आजमनगर के रहने वाले थे. वर्ष 2009 बैच के दारोगा ज्ञानेंद्र सितंबर 2025 से अरार थाना में पदस्थापित थे. अपने शांत स्वभाव और कार्यशैली के कारण वे विभाग में काफी सम्मानित माने जाते थे.
वहीं रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान कैमूर जिले के भभुआ के रहने वाले थे. वर्ष 2018 बैच के दारोगा साजन कुमार की अभी शादी भी नहीं हुई थी. परिवार वाले उनके विवाह की तैयारी में जुटे थे, लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक खबर आ गई. अगस्त 2025 से वे रतवारा थाना की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
हादसे में जान गंवाने वाले तीसरे अधिकारी नीरज कुमार को महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाना की कमान सौंपी गई थी. 2018 बैच के दारोगा नीरज मूल रूप से गया जिले के रहने वाले थे, जबकि उनका परिवार डेहरी-ऑन-सोन में रहता है. उनके पिता रेलवे में कार्यरत हैं. नीरज कुमार की शादी हो चुकी थी और उनका एक साल का बेटा है. परिवार के लोग उनके उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहे थे, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया.
चारों की मौत की खबर जैसे ही परिवारों तक पहुंची, घरों में चीख-पुकार मच गई. किसी घर का इकलौता बेटा चला गया, किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया, तो किसी मां-बाप के बुढ़ापे का सहारा हमेशा के लिए छिन गया.