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बिहार में खेलों को लेकर बड़ा प्लान तैयार, कई नए प्रोजेक्ट पर काम तेज, खिलाड़ियों को मिलेगा हाईटेक फायदा

Bihar News: बिहार में खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने और खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग देने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कई नए स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट्स और हाईटेक सुविधाओं को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे आने वाले समय में राज्य के...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 20, 2026, 5:57:46 PM

बिहार में खेलों को लेकर बड़ा प्लान तैयार, कई नए प्रोजेक्ट पर काम तेज, खिलाड़ियों को मिलेगा हाईटेक फायदा

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Bihar News: बिहार सरकार राज्य में खेलों को नई दिशा और नई पहचान देने की तैयारी में जुट गई है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा, आधुनिक ट्रेनिंग और इंटरनेशनल लेवल का माहौल देने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के खिलाड़ी सिर्फ राज्य स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाएं।


इसी को लेकर बुधवार को खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने खेल विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में खेल सचिव विनोद सिंह गुंज्याल, खेल निदेशक आरिफ अहसन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में खेल व्यवस्था को और ज्यादा सक्रिय, पारदर्शी और परिणाम देने वाला बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने साफ निर्देश दिया कि विभागीय कामकाज की समीक्षा अब हर सोमवार और बुधवार को नियमित रूप से की जाएगी, ताकि हर प्रोजेक्ट की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।


बैठक में राज्य में बन रही और प्रस्तावित खेल परियोजनाओं पर भी खास फोकस किया गया। बांका जिले के ओढ़नी डैम में बनने वाली वाटर स्पोर्ट्स अकादमी और जमुई में प्रस्तावित शूटिंग रेंज को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों परियोजनाओं का विस्तृत मॉडल और रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार की जाए, ताकि फंडिंग और मंजूरी मिलते ही काम शुरू किया जा सके। साथ ही यह भी कहा गया कि इन प्रोजेक्ट्स में दूसरे राज्यों की आधुनिक खेल सुविधाओं और सफल मॉडल को भी शामिल किया जाए।


सरकार अब खिलाड़ियों के विकास के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। बिहार के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देश की बड़ी स्पोर्ट्स अकादमियों और ट्रेनिंग सेंटर में भेजा जाएगा, ताकि वे नई तकनीक और बेहतर ट्रेनिंग हासिल कर सकें। इसके साथ ही राज्य के कोच और प्रशिक्षकों को भी दूसरे राज्यों में ट्रेनिंग और एक्सपोजर के लिए भेजने की योजना बनाई जा रही है।


बैठक में राजगीर को खेलों का बड़ा केंद्र बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। सरकार चाहती है कि राजगीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल गतिविधियों के हब के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए देश के नामी खिलाड़ी और खेल हस्तियों को बिहार से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है, ताकि वे यहां आकर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दें और उन्हें प्रेरित करें।


खेल सुविधाओं के संचालन को लेकर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर भी चर्चा हुई। सरकार की योजना है कि जिला और प्रखंड स्तर पर बने खेल ढांचे को निजी भागीदारी के जरिए और बेहतर तरीके से संचालित किया जाए। हालांकि इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी खेल परिसर का इस्तेमाल गैर-खेल गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा।


बैठक में बिहार के पहले ओलंपियन और महान धावक शिवनाथ सिंह को सम्मान देने का भी निर्णय लिया गया। मंत्री ने कहा कि उन्होंने 1976 और 1980 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और उनके संघर्ष और उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए खेल भवन में उनकी उपलब्धियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।


इसके अलावा राज्य खेलों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बिहार ओलंपिक संघ द्वारा 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक राज्य खेलों का आयोजन प्रस्तावित है। सरकार का लक्ष्य है कि इस बार राज्य खेलों को उच्च स्तर पर आयोजित किया जाए और खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिले। साथ ही इंटर स्टेट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की भी योजना है, जिसके तहत बिहार के खिलाड़ी दूसरे राज्यों में जाकर प्रशिक्षण ले सकेंगे।