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निगरानी मामलों में लापरवाही पर सख्त हुए मंत्री दिलीप जायसवाल, अंतिम चेतावनी जारी करने का निर्देश

Bihar News: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के लंबित मामलों को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है। विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने काम में लापरवाही और देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई को लेकर विभाग...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 20, 2026, 7:29:39 PM

निगरानी मामलों में लापरवाही पर सख्त हुए मंत्री दिलीप जायसवाल, अंतिम चेतावनी जारी करने का निर्देश

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Bihar News: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के लंबित निगरानी मामलों को लेकर अब सरकार सख्त नजर आ रही है। विभागीय कामकाज में हो रही देरी और अधिकारियों की लापरवाही पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को विभागीय कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में मंत्री ने साफ कहा कि विभागीय आदेशों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


बैठक के दौरान विभाग में लंबित निगरानी वादों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि विभाग में फिलहाल 70 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई से जुड़े मामले लंबित हैं। इनमें से 47 मामलों में अब तक संचालन पदाधिकारियों की ओर से जवाब नहीं दिया गया है, जबकि 23 मामलों में जवाब विभाग को मिल चुका है।


इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने निर्देश दिया कि जिन मामलों में अब तक जवाब नहीं आया है, उनमें संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा जाए कि विभागीय आदेश की अवहेलना और जवाब देने में लापरवाही के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।


मंत्री ने कहा कि विभागीय काम में ढिलाई और आदेशों की अनदेखी अनुशासनहीनता मानी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह अंतिम मौका है। अगर इसके बाद भी संबंधित पदाधिकारी जवाब देने में लापरवाही बरतते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा जाएगा।


बैठक में मंत्री ने विभाग के निलंबित कर्मियों को लेकर भी अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को सर्वे कार्य में लगाया जाए, ताकि विभागीय काम प्रभावित न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि इन कर्मियों से भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निगरानी में काम कराया जाए। मंत्री का कहना था कि उपलब्ध मानव संसाधन का सही उपयोग जरूरी है और इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी।


समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय कार्यों की गति बढ़ाने और लंबित मामलों के जल्द निपटारे पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।


बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर, नवाजिश अख्तर, उप सचिव अरविंद कुमार, सहायक निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।