1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 21, 2026, 1:35:54 PM
तेजस्वी यादव को राहत - फ़ोटो Google
Bihar Politics: तेजस्वी प्रसाद यादव को मुजफ्फरपुर कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को एसीजेएम-प्रथम (पूर्वी) पंकज कुमार तिवारी की विशेष कोर्ट (एमपी/एमएलए मामले) ने खारिज कर दिया है।
दरअसल, यह मामला सुरेश कुमार शर्मा द्वारा 24 अगस्त 2018 को दर्ज कराया गया था। मुकदमा मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न कांड से जुड़ा था।परिवाद में कहा गया था कि 26 जुलाई 2018 को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने बालिका गृह कांड में तत्कालीन मंत्री सुरेश शर्मा की संलिप्तता को लेकर दुर्भावनापूर्ण टिप्पणी की थी।
यह बयान मीडिया और टीवी चैनलों में प्रसारित हुआ था। इसे मानहानिकारक बताते हुए सुरेश शर्मा ने विशेष कोर्ट में मुकदमा दायर कराया था। कोर्ट ने गवाहों के बयान और मामले की सुनवाई के बाद पाया कि तेजस्वी यादव के खिलाफ आगे मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। करीब आठ साल बाद कोर्ट ने इस परिवाद को खारिज कर दिया।
साल 2018 में मुजफ्फरपुर स्थित सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित बालिका गृह में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और प्रताड़ना का मामला सामने आया था। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की रिपोर्ट के आधार पर हुई जांच में 34 लड़कियों के यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ था।
इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। जांच में सामने आया कि बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों को नशे का इंजेक्शन या शराब देकर उनके साथ यौन शोषण किया जाता था। इस कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 20 से अधिक दोषी फिलहाल आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इनमें उसकी सहयोगी मधु, समिति के अन्य कर्मचारी, सामाजिक सुरक्षा सहायक निदेशक रोजी रानी और जिला बाल सुरक्षा अधिकारी रोशन कुमार समेत कई लोग शामिल हैं।
बालिका गृह कांड ने बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था। इसी मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इशारों-इशारों में तत्कालीन मंत्री सुरेश शर्मा पर निशाना साधा था, जिसके बाद उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया था।