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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप

बिहार सरकार ने पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण और मास्टर प्लान आधारित परियोजनाओं को मंजूरी दी है। साथ ही, सीईपीटी विश्वविद्यालय अहमदाबाद को तकनीकी सहायता इकाई के रूप में चयनित किया गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 08, 2026, 6:03:28 PM

बिहार न्यूज

भूमि अधिग्रहण और CEPT की तकनीकी सहायता को मंजूरी - फ़ोटो सोशल मीडिया

पटना:  बिहार सरकार ने राज्य में आधुनिक और सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव पर पाटलिपुत्र (पटना) और तिरहुत (मुजफ्फरपुर) ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र का विस्तार करने की स्वीकृति दी गई है।


 इसके साथ ही पाटलिपुत्र (पटना), हरिहरनाथपुर (सोनपुर), मगध (गया) और तिरहुत (मुजफ्फरपुर) के कोर क्षेत्र तथा उससे बाहर के विशेष क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और अन्य आवश्यक संरचनाओं के विकास के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम के अतिरिक्त जरूरत पड़ने पर भूमि खरीद और भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी प्रदान की गई है।


सरकार का उद्देश्य इन टाउनशिप का मास्टर प्लान के अनुरूप तेज गति से विकास करना है। इस पहल से आधुनिक सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, हरित क्षेत्र और अन्य शहरी सुविधाओं का सुनियोजित विकास होगा। साथ ही, निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आसपास के क्षेत्रों का समग्र आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा।


इसके अलावा, राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के योजनाबद्ध विकास, परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी सहयोग के लिए सीईपीटी (सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी) सलाहकार फाउंडेशन, सीईपीटी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद को नामांकन के आधार पर तकनीकी सहायता इकाई (Technical Support Unit) के रूप में चयनित करने की भी स्वीकृति दी गई है।


सीईपीटी विश्वविद्यालय परियोजनाओं के रणनीतिक मार्गदर्शन, नीतिगत सहयोग, मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, नियामकीय एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में राज्य सरकार की सहायता करेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार में नए आर्थिक गतिविधि केंद्र विकसित होंगे, निवेश बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक एवं संरचनात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।